पुलवामा आतंकवादी हमले में हुए शहीद जवानो की बनाई गई स्मारक

पुलवामा आतंकवादी हमले में हुए शहीद जवानो की बनाई गई स्मारक

पिछले साल 14 फरवरी में हुए पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया जाएगा।

सीआरपीएफ के अलावा महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा किया। इस स्मारक में उन शहीद जवानों के नामों के साथ ही उनकी फोटोज़ भी होंगी। साथ ही सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य ‘‘सेवा व निष्ठा’’भी होगा।

हसन ने कहा, 'निश्चित रूप से यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी व हमने इससे सीख ली है। हम अपनी आवाजाही के दौरान हमेशा सतर्क रहते थे, लेकिन अब सतर्कता व बढ़ गई है। ' उन्होंने बोला कि 40 जवानों के सर्वोच्च बलिदान ने देश के दुश्मनों को समाप्त करने का हमारा संकल्प मजबूत बना दिया है।

दरअसल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शुक्रवार को पिछले वर्ष जम्मू एवं कश्मीर बम धमाके में यहां शहीद हुए अपने जवानों को श्रद्धांजलि देगी। पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए जैश-ए-मुहम्मद (जैश) के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस आतंकवादी हमले में 40 जवान मारे गए थे।

"तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं.
गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं."

सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक जुल्फिकार हसन, महानिरीक्षक कश्मीर क्षेत्र राजेश कुमार व वरिष्ठ ऑफिसर और अन्य बल के जवान लेथपुरा स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केन्द्र में पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे।

जुल्फिकार हसन ने कहा, "यह एक सम्मान समारोह होगा। एक शहीद स्तंभ का अनावरण पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के नाम के साथ किया जाएगा। इस मौका पर एक रक्तदान शिविर भी लेटपोरा में आयोजित किया जाएगा। " उन्होंने बोला कि इस मौके पर शहीदों के परिजनों को आमंत्रित नहीं किया गया है। हसन ने कहा, "उनके घरों में भी व्यक्तिगत समारोह (बरसी) का प्रोग्राम होगा। इसके चलते यह फैसला लिया गया। "