PM मोदी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी का किया शिलान्यास

PM मोदी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी का किया शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करने के साथ ही उत्तर प्रदेश डिफेंस कारिडोर के अलीगढ़ नोड की कार्य प्रगति की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री ने अपने 40 मिनट के संबोधन में युवाओं को प्रेरणाभर संदेश दिया। प्रधानमंत्री आगरा एयरपोर्ट पर विशेष प्लेन से उतरने के बाद हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ पहुंचे थे। तो आइए तस्वीरों में उनके अलीगढ़ कार्यक्रम को देखते हैं।

अलीगढ़ में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी। इस दौरान यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। लोगों की भीड़ यहां पर देखने लायक है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड के प्रदर्शनी माडल का दौरा भी किया। यूपी के  सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास से पहले समारोह की तैयारी का निरीक्षण किया था। 

इस फोटो में आप देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नजर आ रहे हैं।

यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के अलीगढ़ नोड के प्रदर्शनी माडल का दौरा करने के दौरान कुछ इस तरह नजर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।