छह जिलों की 13 विधानसभा सीटों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान हो गया संपन्न

 छह जिलों की 13 विधानसभा सीटों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान हो गया संपन्न

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नक्सल प्रभावित छह जिलों की 13 विधानसभा सीटों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया। 

तेरह विधानसभा क्षेत्रों में अब तक रिकार्ड 64.12 प्रतिशत मतदान हुआ। एक मंत्री, आधा दर्जन पूर्व मंत्री समेत 187 उम्मीदवारों की भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद हो गई। अब 23 दिसंबर को मतगणना के साथ इन नेताओं के किस्मत का निर्णय होगा। बीते शनिवार को प्रातः काल सात बजे से गुलाबी ठंड के बीच मतदान प्रारम्भ हुआ। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच नक्सलियों की एक नहीं चली। गुमला के घाघरा एक विस्फोट कर नक्सलियों ने दहशत पैदा करने की प्रयास की। लेकिन इससे कहीं कोई क्षति नहीं हुई। दोनों घटनाएं नक्सलियों के लिए हताशा की परिचायक रही। सभी क्षेत्रों में लोगों ने सारे उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया। छोटे-मोटे मामलों को छोड़कर इवीएम में कहीं से कोई बड़ी खराबी की सूचना नहीं मिली। डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के चैनपुर इलाके में कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार केएन त्रिपाठी व बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई। कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार ने भीड़ पर पिस्तौल लहरायी। वहीं भीड़ ने पत्थरबाजी कर केएन त्रिपाठी पर हमला कर उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पलामू प्रमंडल के तीन जिलों में गढ़वा के भवनाथपुर, गढ़वा विधानसभा, पलामू जिले के डालटनगंज, विश्रामपुर, हुसैनाबाद, छतरपुर व पांकी, लातेहार जिले के मनिका व लातेहार नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं। इनके अतिरिक्त चतरा, गुमला व बिशुनपुर तथा लोहरदगा में भी वोटरों का उत्साह देखते बना। प्रातः काल से ही लोग पंक्तिबद्ध खड़े हो गए थे।

वहीं यदि हम बात करें सूत्रों की तो इस बात का खुलासा हुआ है कि साल 2014 के चुनाव दौरान इन्ही तेरह सीटों पर हुए 63.27 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने 64.12 फीसदी मतदान कर रिकॉर्ड तोड़ा। मतदान में युवाओं, स्त्रियों से लेकर बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। वोटिंग में दिव्यांगों, दृष्टि बाधित जनों ने भी उमंग के साथ लोकतंत्र का पर्व मनाया। प्रातः काल से लगी लंबी कतार में शाम तक मतदाताओं में उत्साह दिखा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोवस्त नजर आए। किसी भी क्षेत्र से बड़ी वारदात की समाचार नहीं आई। पहले चरण के जिन 13 सीटों पर वोटिंग हुई वह प्रदेश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं। इन्हीं सीटों पर मौजूदा चुनाव के मद्देनजर सर्वाधिक दल बदल देखने को मिला है।