इंटरनेट मीडिया संबंधी नए नियमों पर जल्द FAQ जारी कर सकता सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

इंटरनेट मीडिया संबंधी नए नियमों पर जल्द FAQ जारी कर सकता सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अगले एक-दो सप्ताह में नए मध्यस्थता नियमों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) और उनके जवाब जारी कर सकता है। एफएक्यू नये नियमों से जुड़े विभिन्न पहलुओं से जुड़े होंगे। इनमें उपाय, इन नियमों से इंटरनेट मीडिया मंचों के उपयोगकर्ताओं को किस तरह फायदा होगा और हितधारकों से संभावित अन्य स्पष्टीकरण शामिल होंगे।

मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इस समय एफएक्यू पर काम चल रहा है और एक-दो हफ्ते में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है। एफएक्यू में 10-20 सवालों के जवाब होंगे।नये नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सएप जैसे बड़े इंटरनेट मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं।

इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आइटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आइटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।


पीएम मोदी से मिले पूर्वोत्तर के भाजपा सांसद, किरेन रिजिजू का विपक्ष पर वार, कहा...

पीएम मोदी से मिले पूर्वोत्तर के भाजपा सांसद, किरेन रिजिजू का विपक्ष पर वार, कहा...

असम-मिजोरम सीमा पर हाल में हुए विवाद के बाद पूर्वोत्तर के भाजपा सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सांसदों ने पीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमे कांग्रेस पर हिंसा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और विदेशी ताकतें लोगों को भड़का रहीं हैं और भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश कर रहीं हैं।

कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियां आग में घी डालने का कर रही काम

इसके साथ ही सौंपे गए ज्ञापन में लिखा गया है कि सीमा विवाद पुराना है, लेकिन कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियां आग में घी डालने का काम कर रहीं हैं। लगातार हिंसा को भड़काने के लिए भड़काऊ बयान दे रहे हैं। लोगों को भड़काया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी विदेशों से कुछ ऐसी चीजें पोस्ट की जा रहीं हैं, जिससे आशंति पैदा हो।


मोदी के नेतृत्व में पूर्वोतर का हुआ विकास

इसके साथ ही ज्ञापन में लिखा है कि पूर्वोत्तर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो विकास हुआ है, वैसा कभी नहीं हुआ। पिछले 7 सालों में पूर्वोत्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जो लोग पूर्वोत्तर में सुख और शांति बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। हम उसकी निंदा करते हैं।

 
किरेन रिजिजू बोले- संवेदनशील मामले पर ना करें राजनीतिकरण

वहीं बैठक के खत्म होने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि हमने पीएम का आभार व्यक्त किया और उन्हें बताया कि कैसे कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियां हिंसा का राजनीतिकरण करके पूर्वोत्तर की शांति बिगाड़ में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि हम कांग्रेस से इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील करते हैं।

 
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो असम-मिजोरम के बीच जारी सीमा विवाद के कारण 26 जुलाई को हुए संघर्ष में असम पुलिस के कम से कम 6 कर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। इसके साथ ही 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ताजा स्थित की बात करें ते कछार जिले में असम-मिजोरम सीमा पर सोमवार को शांति रही।