राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व पीएम नरेंद्र मोदी से की इस विषय में बातचीत, जानिए

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व पीएम नरेंद्र मोदी से की इस विषय में बातचीत, जानिए

स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ ने व्यापार एवं निवेश, नवोन्मेष व संस्कृति समेत विविध क्षेत्रों में हिंदुस्तान के साथ समग्र द्विपक्षीय योगदान को विस्तार देने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व पीएम नरेंद्र मोदी से सेामवार को गहन बातचीत की. राजा गुस्ताफ व राष्ट्रपति कोविंद के बीच बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने ध्रुवीय विज्ञान, नवोन्मेष एवं अनुसंधान व समुद्री क्षेत्रों में योगदान के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, मोदी व राजा गुस्ताफ ने नवोन्मेष नीति पर भारत-स्वीडन उच्चस्तरीय नीति बातचीत की मीटिंग की अध्यक्षता की. इस मीटिंग में दोनों पक्षों ने अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में संबंधों को विस्तार देने के उपायों पर चर्चा की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों नेताओं ने भावी चुनौतियों से निपटने में दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोगात्मक तकनीकी नवाचार की किरदार पर बल दिया.  इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की. उन्होंने अपने स्वीडन में समकक्ष एन लिंडे के साथ शाम को विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से वार्ता की. राजा गुस्ताफ अपने देश के उच्च स्तरीय उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. 

राष्ट्रपति कोविंद के निमंत्रण पर गुस्ताफ छह दिन की यात्रा पर सोमवार प्रातः काल एयर इंडिया की वाणिज्यिक उड़ान में स्टॉकहोम से नयी दिल्ली पहुंचे. एयर इंडिया ने इसे गर्व का पल बताते हुए उनकी फोटो ट्वीट की. दिल्ली हवाईअड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय प्रदेश मंत्री बाबुल सुप्रियो ने किया. शाही दंपती जामा मस्जिद, लाल किला व गांधी स्मृति भी गए. इस बीच विमान से उतरने के बाद शाही दंपती द्वारा अपने बैग पकड़े रहने की फोटोज़ तुरंत ट्विटर पर वायरल हो गईं. लोगों ने उनकी सराहना की व नेताओं की वीआईपी संस्कृति पर तंज कसा. 

मेट्रोमैन ई श्रीधर ने भी महाराष्ट्र सरकार को लेटर लिखकर मेट्रो को इको फ्रेंडली बताया. बीएमसी से 26 सौ पेड़ काटने का आदेश हुआ तो पर्यावरण प्रेमी जनता खुलकर विरोध में आ गई. इस आग में घी का कार्य किया स्वर कोकिला लता मंगेशकर, श्रद्धा कपूर व रवीना टंडन जैसे फिल्मी सितारों द्वारा किए गए ट्वीट ने. इससे विरोध को धार मिली व आरंभ हो गई एक मुहिम की, जिसका नाम था 'सेव आरे'.