जानिए, सीएम ममता बनर्जी जमकर बरसीं

जानिए, सीएम ममता बनर्जी जमकर बरसीं

पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के इस बयान पर जिसमें उन्होंने बोला था कि सरकारी संपत्ति को जो लोग नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें उनकी पार्टी के शासन वाले राज्यों में “कुत्तों की तरह” मार दिया जाएगा, सीएम ममता बनर्जी जमकर बरसीं. बनर्जी ने कड़ी रिएक्शन देते हुए बोला “बंगाल यूपी नहीं है.”

बोलीं यह शर्मनाक है: एएनआई ने बनर्जी के हवाले से कहा, “यह शर्मनाक है आप यह कैसे कह सकते हैं? उसका नाम लेना भी शर्म की बात है. आप फायरिंग को बढ़ावा दे रहे हैं. यह उत्तर प्रदेश नहीं है यहां फायरिंग नहीं हुई. यह समझें कि यदि कल कुछ अनहोनी होती है, तो आप समान रूप से जिम्मेदार होंगे. आप विरोध करने के लिए लोगों को मारना चाहते हैं?”

घोष के बयान पर भाजपा ने भी बनाई दूरी:: घोष की टिप्पणी उस वक्त आई जब वह रविवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में एक रैली के बाद नादिया जिले के राणाघाट में पार्टी समर्थकों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे. उनकी टिप्पणी इतनी कठोर थी कि बीजेपी के नेताओं ने भी खुद को उनके बयान से दूरी बना ली. पिछले महीने यूपी में सीएए विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा में लगभग दो दर्जन लोग मारे गए थे व असम में पांच लोगों की मृत्यु हो गई है, जिसमें तीन कथित रूप से पुलिस की गोली से हुई हैं. दोनों राज्यों में बीजेपी का शासन है. ममता बनर्जी, जो सीएए की एक तीखी आलोचक हैं, ने शनिवार को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की दो दिवसीय बंगाल यात्रा के दौरान कोलकाता के राजभवन में उनसे मुलाकात की व धर्म में नागरिकता का परीक्षण करने वाले संशोधित कानून को वापस लेने का अनुरोध किया.

पीएम मोदी ने विपक्ष पर गुमरा करने का लगाया आरोप: सीएए पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश से गैर-मुस्लिम शरणार्थियों के लिए भारतीय नागरिकता की सुविधा प्रदान करता है, जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले हिंदुस्तान पहुंचे थे. रविवार को हावड़ा के बेलूर मठ में मोदी ने बोला कि सीएए केवल पाक में सताए गए लोगों के लिए एक संशोधन है व किसी भारतीय की नागरिकता को छीनने के लिए नहीं है. उन्होंने विपक्ष पर युवाओं को कानून के विरूद्ध विरोध करने के लिए “गुमराह करने” का भी आरोप लगाया. सीएए की वजह से देश में कई स्थानों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ व यह भेदभावपूर्ण, विभाजनकारी व असंवैधानिक है.