वहीं सूत्रों का बोलना है कि पर्यावरण के परिवर्तन के दुष्प्रभाव को हिंदुस्तान झेल रहा बुरी तरह से

वहीं सूत्रों का बोलना है कि पर्यावरण के परिवर्तन के दुष्प्रभाव को हिंदुस्तान झेल रहा बुरी तरह से

दिनों दिन बढ़ते जा रहे प्रदूषण के चलते पर्यावरण में परिवर्तन के दुष्प्रभावों पर चर्चा के बीच प्रभावित राष्ट्रों की सूची सामने आई है। प्रभावित राष्ट्रों में धनी व गरीब, दोनों तरह के राष्ट्रों पर पर्यावरण का परिवर्तन प्रभाव डाल रहा है।

 हिंदुस्तान इस वैश्विक सूची में पांचवें जगह पर है। क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2020 नाम की यह वार्षिक रिपोर्ट जर्मनवाच ने तैयार की है। रिपोर्ट को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हो रहे करीब 200 राष्ट्रों के अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन से इतर प्रोग्राम में पेश किया गया। यह प्रोग्राम पर्यावरण सुधार के लिए रूपरेखा बनाने को गठित संयुक्त देश के मेम्बर राष्ट्रों के संगठन ने आयोजित किया था।

वहीं सूत्रों का बोलना है कि पर्यावरण के परिवर्तन के दुष्प्रभाव को हिंदुस्तान बुरी तरह से झेल रहा है। 2018 में भी हिंदुस्तान 5वें जगह पर था। यहां प्रदूषण के कारण पैदा होने वाले रोगों से मरने वालों की संख्या संसार में सर्वाधिक है। जनहानि के अलावा धनहानि में हिंदुस्तान का जगह दूसरा है। प्रदूषण के कारण हिंदुस्तान को हर वर्ष करोड़ों डॉलर (अरबों रुपये) का नुकसान हो रहा है। वहीं प्रदूषण से प्रभावित राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान का जगह 2017 के बाद खतरनाक तरीका से ऊपर चढ़ा है। 2017 में हिंदुस्तान वैश्विक सूची में प्रदूषण से प्रभावित राष्ट्रों में 14 वें जगह पर था लेकिन अगले ही वर्ष यह चढ़कर पांचवें जगह पर आ गया। म्यांमार व हैती जैसे छोटे व गरीब देश भी गंभीर रूप से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। जबकि संपन्न जापान 2018 से पर्यावरण में परिवर्तन की गंभीर समस्या झेल रहा है। जर्मनी व कनाडा सर्वाधिक प्रभावित दस राष्ट्रों की सूची में सबसे ऊपर हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बात का पता चला है कि हिंदुस्तान में हुई भारी वर्षा पर्यावरण के परिवर्तन का नतीजा थी। इसके चलते देश के कई इलाकों में भयंकर बाढ़ आई व भूस्खलन हुआ। इन प्राकृतिक आपदाओं में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए। आपदा के चलते केरल बुरी तरह से प्रभावित हुआ। वहां पर बीते 100 वर्ष की सबसे भयंकर बाढ़ आई। इसके अलावा अक्टूबर व नवंबर 2018 में हिंदुस्तान में दो बड़े चक्रवात भी आए। इनमें भी एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए। हिंदुस्तान बढ़े रहे तापमान के प्रभाव को भी झेल रहा है। इसके कारण बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस सूची में वियतनाम छठे, बांग्लादेश सातवें, अमेरिका 12 वें व फ्रांस 15 वें जगह पर है।