इंडिया गेट, लाल किला, 2011 दिल्ली हाईकोर्ट ब्लास्ट समेत 10 जगहों की रेकी की थी, गिरफ्तार पाक आतंकी का खुलासा!

इंडिया गेट, लाल किला, 2011 दिल्ली हाईकोर्ट ब्लास्ट समेत 10 जगहों की रेकी की थी, गिरफ्तार पाक आतंकी का खुलासा!

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को जिस पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ को पकड़ा था, उसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल द्वारा मंगलवार को गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अशरफ ने दिल्ली में कई जगहों की रेकी की थी। आरोपी मोहम्मद अशरफ ने 2011 के दिल्ली हाई कोर्ट ब्लास्ट से पहले रेकी की थी।

घटनाक्रम से जुड़े करीबी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि पूछताछ के दौरान जब 2011 के दिल्ली उच्च न्यायालय विस्फोट में एक आरोपी की तस्वीर दिखाई गई तो उसने खुलासा किया कि उसने उच्च न्यायालय (दिल्ली हाईकोर्ट) की रेकी की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट विस्फोट में उसकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से नहीं बताई जा सकती है। आगे की जांच के बाद इसको स्पष्ट किया जाएगा। अभी तक कोई सबूत नहीं हैं। अशरफ से NIA, RAW और MI ने भी लंबी पूछताछ की।


सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ ने आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय (पुराना पुलिस मुख्यालय) की भी रेकी की थी। उसने खुलासा किया कि उसने बहुत सारी रेकी की है, लेकिन अधिक जानकारी प्राप्त नहीं की जा सकी, क्योंकि उसे अधिक समय तक पुलिस मुख्यालय के बाहर रुकने नहीं दिया गया था। उसने आईएसबीटी की रेकी भी की थी और पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को इसकी सूचना भेजी थी।


पाकिस्तानी आतंकी अशरफ ने यह भी खुलासा किया कि उसने इंडिया गेट और लाल किले की भी रेकी की थी। सूत्रों ने कहा उसने बताया है कि उसने 10 जगहों पर रेकी की थी। सूत्रों ने आगे बताया कि पूछताछ मेंन उसने कहा कि वीआईपी क्षेत्र निशाने पर नहीं थे क्योंकि इसमें कम लोग हताहत होते। ये सभी रेकी कुछ साल पहले की गई थी। हालांकि, आतंकी अशरफ ने अभी तक उन जगहों का खुलासा नहीं किया है जहां वो आतंकी आपरेशन को अंजाम देना चाहता था।


आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने पहले बांग्लादेश जाकर और फिर पश्चिम बंगाल में कोलकाता की यात्रा करके भारत में प्रवेश किया। उसने अजमेर शरीफ का दौरा किया, जहां उसने बिहार के लोगों से मुलाकात की, जिसके साथ वह उसके गांव गया और वहां शरण ली। सूत्रों ने कहा, बिहार में उसने एक सरपंच का विश्वास हासिल किया और उससे अपना पहचान आईडी प्राप्त की।


भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

अफगानिस्‍तान की स्थिति पर द‍िल्‍ली में अगले महीने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक होनी है। इसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में कई अन्‍य देशों के साथ रूस और पाकिस्‍तान को भी न्‍योता दिया गया है। बैठक की अध्‍यक्षता भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे। माना जाता है कि इस क्षेत्रीय सम्‍मेलन में चीन, इरान, तजाकिस्‍तान और उजबेकिस्‍तान को भी बुलाया गया है। इसमें अफगानिस्‍तान में मानवीय संकट के मसलों पर बातचीत होगी। साथ ही सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। 


प्रस्तावित वार्ता 10-11 नवंबर को हो सकती हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह सम्मेलन 2019 में ईरान में पहले आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के समान प्रारूप में होगा। एनएसए-स्तरीय बैठक में आमंत्रित लोगों में अफगानिस्तान के पड़ोसी देश- रूस, चीन, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। पता चला है कि उस आमंत्रण को पाकिस्तान के एनएसए मोईद युसूफ को भी दे दिया गया है, हालांकि सम्मेलन और आमंत्रण पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पता चला है कि तैयारी चल रही है।


तालिबान से दुनिया को जैसी अपेक्षाएं हैं, उसके बारे भी अवगत कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिन देशों के एनएसए को आमंत्रित किया गया है, उन्‍हें पहले ही भारत से निमंत्रण मिल चुका है। हालांकि, इस कॉन्‍फ्रेंस में तालिबान को न्‍योता नहीं दिया गया है। यह बैठक नवंबर के दूसरे हफ्ते में प्रस्‍तावित है।

रूस ने भी 20 अक्‍टूबर को मॉस्‍को में इसी तरह का सम्‍मेलन रखा है। इसमें भारत के साथ-साथ उसने तालिबान को भी बुलाया है। हालांकि, भारत सरकार तालिबान को यहां बुलाने को लेकर अभी असमंजस में है। कारण है कि तालिबान को अभी अंतरराष्‍ट्रीय बिरादरी की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। खासतौर से मानवाधिकार से जुड़े मसलों को लेकर अभी उससे कहीं ज्‍यादा अपेक्षा हैं। इनमें महिलाओं, बच्‍चों और अल्‍पसंख्‍यकों के मानवाधिकार शामिल हैं।


यह देखना दिलचस्‍प होगा कि पाकिस्‍तान कॉन्‍फ्रेंस में क्‍या भूमिका अदा करता है। देखने वाली बात तो यह भी होगी कि पाकिस्‍तानी एनएसए मोईद यूसुफ आते हैं कि नहीं। अगर ऐसा होता है तो 2016 में अमृतसर में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश सलाहकार सरताज अजीज के बाद दोनों ओर से यह किसी उच्‍चाधिकारी का पहला दौरा होगा। इस साल मई में भी भारत ने अफगानिस्‍तान पर कॉन्‍फ्रेंस का प्रस्‍ताव किया था। तब भी यूसुफ को न्‍योता दिया गया था। हालांकि, दिल्‍ली में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह बैठक नहीं हो पाई थी।