US में भी प्रसिद्ध हैं दिल्ली सरकार के स्कूल, केजरीवाल बोले- एक मौका दे दो पंजाब के स्कूल भी देखने आएंगे विदेशी राष्ट्रपति

US में भी प्रसिद्ध हैं दिल्ली सरकार के स्कूल, केजरीवाल बोले- एक मौका दे दो पंजाब के स्कूल भी देखने आएंगे विदेशी राष्ट्रपति

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इसी बीच उन्होंने पठानकोट में तिरंगा यात्रा निकाली। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद भगवंत मान, आप नेता राघव चड्ढा समेत कई नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली आए, मोदी जी से मिलने। उनकी धर्मपत्नी मेलानिया ट्रम्प ने बोला कि मैंने दिल्ली की सरकारी स्कूलों के बारे में सुना है, मैं उसे देखने जाऊंगी। उनको मोदी जी ने बहुत समझाया और बोले कि हमारे प्राइवेट स्कूल बहुत अच्छे हैं, ये केजरीवाल के स्कूल मत देखो। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी हमसे थोड़ी नफरत करते हैं। मेलानिया ट्रम्प हमारा स्कूल देखने आईं और एक क्लास में बैठकर बच्चों और शिक्षकों से बात की।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के अंदर भी दिल्ली सरकार के स्कूल प्रसिद्ध हैं। एक मौका दे दो, अमेरिका, कनाडा, लंदन सारी जगह के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पंजाब के स्कूल देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में हमारी सरकार बनेगी तो हमारी जिम्मेदारी होगी कि यहां पर जो भी बच्चा पैदा होगा, उसको अच्छी शिक्षा और मुफ्त में शिक्षा दी जाए। अब सभी को अच्छी शिक्षा मिलेगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब की जनता से मेरे 2 वादे हैं, अगर हमारी पार्टी सत्ता में आई तो बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बनेंगे। दिल्ली का कोई भी जवान अगर सीमा पर शहीद होता है तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि मिलती है। हम पंजाब में सैनिकों को देंगे। 


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।