घर में सोने के सिक्‍के या सोने की ज्‍वेलरी रखी हुई है तो ये आपके लिए ज्यादा कमाई का बन सकती हैं जरिया, जाने कैसे

घर में सोने के सिक्‍के या सोने की ज्‍वेलरी रखी हुई है तो ये आपके लिए ज्यादा कमाई का बन सकती हैं जरिया, जाने  कैसे

अगर आपके घर में सोने के सिक्‍के या सोने की ज्‍वेलरी रखी हुई है तो ये आपके लिए ज्यादा कमाई का जरिया बन सकती है। दरअसल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( भारतीय स्टेट बैंक ) एक खास स्कीम देता है, जिसके तहत आप गोल्ड रखकर ब्याज ले सकते हैं। इस स्कीम का नाम है भारतीय स्टेट बैंक गोल्ड डिपाजिट स्‍कीम (R-GDS) इसके स्कीम के तहत सोना जाम करने पर आपको ब्याज के साथ-साथ कई फायदें मिल सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक आपकी ज्‍वेलरी या सोने की शुद्धता के आधार पर आपको सोने का जमा प्रमाण लेटर देता हैं। वहीं, जब जमा की अवधि खत्‍म हो जाती है, तब 3, 4, 5 या 6 वर्ष बाद आप उस सोने को या तो गोल्‍ड के रुप में या कैश के रुप में ब्‍याज के साथ उस समय के दाम के आधार पर ले सकते हैं।  आइए आपको बताते हैं इस खास स्कीम के बारे में पूरी जानकारी

कितना मिलेगा ब्याज- STBD स्कीम में वैसे एक वर्ष के लिए 0.50 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। दो वर्ष के लिए 0.55 प्रतिशत व तीन वर्ष के लिए 0.60 प्रतिशत है। वहीं, लॉन्ग टर्म यानी 5-7 वर्ष के लिए 2.25 फीसदी/सालाना ब्याज मिलेगा। 12-15 वर्ष के लिए 2-5 फीसदी/सालाना का ब्याज मिलेगा।


स्कीम को बीच में तोड़ने पर- एक वर्ष के तय समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर पर पैनल्टी लगेगी। वहीं, मीडियम टर्म वाली अवधि में निवेशक 3 वर्ष के बाद स्कीम से बाहर हो सकते हैं। लॉन्ग टर्म वाली स्कीम से 5 वर्ष के बाद ही बाहर निकला जा सकता हैं। इन अवधी के बीच में पैसा निकाला तो पैनल्टी लगेगी।

किस शाखा में मिलेगा स्कीम का फायदा-  भारतीय स्टेट बैंक की दिल्ली में पीबी ब्रांच, SME ब्रांच चांदनी चौक, कोयम्बटूर ब्रांच, हैदराबाद की मेन ब्रांच, मुंबई की बुलियन ब्रांच में इसका लाभ उठाया जा सकता है।

कौन कर सकता हैं इसमें निवेश- एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, हिंदुस्तान में रहने वाला कोई भी आदमी इस स्कीम में शामिल होने कि सम्भावना हैं। सिंगल, जाइंट एकाउंट भी खुलवाया जा सकता हैं। एचयूएफ, पार्टरशिप फर्म भी इसमें निवेश कर सकती हैं।

कम से कम कितना सोना जमा करना होगा- इस स्कीम के तहत 30 ग्राम सोना जमा करना जरूरी है, ज्यादा की कोई लिमिट नहीं है।

कितने वर्ष के लिए होता है जमा- इस स्कीम में 1-3 वर्ष के लिए जमा किया जाता है। एसबीआई में इस स्कीम का नाम शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD) रखा हैं। वहीं, मीडियम व लॉन्ग टर्म के लिए जमा अवधि 5-7 व 12-15 वर्ष है।



ये हैं स्कीम के फायदे

लोन की सुविधा- आप भारतीय स्टेट बैंक  की किसी भी शाखा में गोल्‍ड के मौलिक मूल्य के 75 फीसदी तक रुपये के ऋण का फायदा उठा सकते हैं। यानी आपको एसबीआई की गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम से कर्ज़ में भी लाभ मिलेगा।

लॉकर की फीस और चोरी की कोई टेंशन नहीं आपको अपने सोने व आभूषणों को स्टोर करने के लिए लॉकर की लागतों के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है व चोरी की कोई चिंता भी नहीं है। जारी किए गए प्रमाण लेटर अत्यंत सुरक्षित होते हैं।

निष्क्रिय सोने पर मिलेगा ब्‍याज- लॉकर में रखे सोने में आपको कुछ नहीं मिलता है। तो वहीं निष्क्रिय सोना यानी की बहुत दिनों से घर पर पड़े हुए सोने पर आपको ब्‍याज भी मिलेगी। एसबीआई गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत, ब्याज, गोल्ड मुद्रा में गणना की जाती है व रुपये के बराबर में भुगतान किया जाता है।



टैक्‍स में छूट- अगर आपके पास कमाई से ज्‍यादा का सोना है तो आपको इसके लिए संपत्ति कर के तहत टैक्‍स भरना पड़ेगा। हालांकि, एसबीआई गोल्ड डिपॉज़िट योजनाओं पर कोई संपत्ति कर, पूंजीगत फायदा कर या इनकम टैक्स देय नहीं है। यानी कि आपको टैक्‍स में छूट मिल जाएगी।

सोने के दाम बढ़ने पर मिलेगा ज्यादा फायदा- जब आपकी सोना जमा योजना परिपक्व होती है, तो आप मौजूदा दरों पर रिडीम करते हैं, जिसका मतलब है कि सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है, तो आप फायदा हासिल कर सकते हैं। आप इसे लॉकर में रखे सोने की मूल्य से तुलना करें आपको यहां पर डिपॉजिट स्‍कीम में ब्‍याज मिलेगा लेकिन लॉकर में रखे सोने पर नहीं मिलेगा।