मुझे विश्‍वास है 130 करोड़ देशवासी देश को दोबारा ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम करेंगे- पीएम मोदी

मुझे विश्‍वास है 130 करोड़ देशवासी देश को दोबारा ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम करेंगे- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वो इस बात को लेकर पूरी तरह से आशांवित हैं कि 130 करोड़ भारतीय देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत करना जारी रखेंगे। उन्‍होंने ये बात अमृत महोत्‍सव (Amrut Mahotsava) के मौके पर कही है। इस बारे में किए गए अपने कुछ ट्वीट में उन्‍होंने कहा है कि देश में रिकॉर्ड वैक्‍सीनेशन, अधिक जीएसटी कलेक्‍शन और ओलंपिक में भारत का शानदार प्रदर्शन भविष्‍य के लिए नई उम्‍मीद जगाता है।

अपने एक ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा है कि अगस्‍त के आते ही भारत में अमृत महोत्‍सव की शुरुआत हुई है। इस दौरान हम सभी ने कई सारी ऐसी चीजें होते हुए देखी हैं जिन्‍होंने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। हर भारतीय खुश है। इस दौरान भारत में वैक्‍सीन की रिकॉर्ड खुराक दी गई है और जीएसटी का लगतार बढ़ता कलेक्‍शन बता रहा है कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था फिर गति पकड़ रही है।


पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में ये भी कहा है कि ओलंपिक में केवल पीवी सिंधु ही पदक जीतने की दावेदार नहीं थी बल्कि इस ओलंपिक में पुरुष और महिला हॉकी टीम ने भी अपना सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया है। दोनों ही टीमों का ये प्रदर्शन ऐतिहासिक है। उन्‍होंने कहा है कि वो इस बात को लेकर पूरी तरह आशावादी है कि भारत का हर देशवासी इस देश को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत करेगा। 

करीब पांच दशकों के बाद भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम ओलंपिक के सेमीफाइनल तक पहुंची है। ये काफी बड़ी बात है। अब सभी को इन दोनों ही टीमों से पदक लाने की उम्‍मीद भी काफी बढ़ गई है। भारत की बात करें तो इस ओलंपिक में लगातार खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।