Goa Assembly Election: ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के साथ 13 दिसंबर को फिर जाएंगी गोवा

Goa Assembly Election: ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के साथ 13 दिसंबर को फिर जाएंगी गोवा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में जीत के बाद टीएमसी (TMC) अब दूसरे राज्यों में विस्तार को लेकर काम करना शुरू कर दिया है. नई दिल्ली और मुंबई की दौरा के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) फिर से गोवा दौरे पर जा रही हैं. ममता बनर्जी 13 दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के साथ गोवा दौरा पर जाएंगी. यह ममता बनर्जी का दूसरा गोवा दौरा होगा. ममता बनर्जी गुरुवार को ही मुंबई के तीन दिवसीय दौरे पर वापस कोलकाता लौटी हैं.

ममता बनर्जी के पिछले गोवा दौरे के दौरान वहां उनकी मौजूदगी में भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस, वरिष्ठ अभिनेत्री नफीसा अली व मशहूर गायक रेमो फर्नांडीस ने तृणमूल का झंडा थामा था. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते ममता बनर्जी गोवा दौरा महत्वतपूर्ण मानी जा रही है. ममता बनर्जी बंगाल के बाद गोवा में अब टीएमसी का विस्तार करना चाहती हैं.

गोवा में पार्टी को मजबूत करने में जुटी है टीएमसी

गोवा में टीएमसी ने मजबूती से चुनाव में उतरने का संदेश दिया था. ममता बनर्जी ने कहा था कि मैं एकता और धर्मनिरपेक्षता में यकीन रखती हूं, जिस तरह से पश्चिम बंगाल से मुझे लगाव है, उसी तरह गोवा भी मेरे लिए मेरी ही भूमि है. सूत्रों का कहना है ममता बनर्जी मौजूदगी में गोवा के कुछ और विशिष्ट जन तृणमूल में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है. तृणमूल पहले ही वहां चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है और अभी से ही इसकी तैयारियों में भी जुट गई है. तृणमूल की राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की योजना के मद्देनजर गोवा विधानसभा चुनाव को अहम बताया जा रहा है.

कोलकाता कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए थे लिएंडर पेस

ममता बनर्जी ने गोवा में पार्टी संगठन को मजबूत करने का जिम्मा कृष्णानगर से तृणमूल सांसद महुआ मैत्र को सौंपा है. महुआ वहां लगातार बैठकें कर लोगों को पार्टी से जोड़ने की कोशिशों में जुटी हुई है. इस परिप्रेक्ष्य में अभिषेक बनर्जी के गोवा दौरे को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. अभिषेक बनर्जी वहां तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा स्थिति का आकलन करेंगे और जरुरी निर्देश देंगे. बता दें कि कोलकाता में हुई टीएमसी की कार्यसमिति की बैठक में लिएंडर पेस उपस्थित थे. बैठक में पार्टी के विस्तार की योजना बनाई गई.


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।