देवेंद्र फड़णवीस ने अजित पवार के साथ मिलकर प्रदेश में किया सरकार का गठन

देवेंद्र फड़णवीस ने अजित पवार के साथ मिलकर प्रदेश में किया सरकार का गठन

महाराष्ट्र में जिस प्रकार से चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला व उसके बाद तमाम सियासी ड्रामे के बीच देवेंद्र फड़णवीस ने अजित पवार के साथ मिलकर प्रदेश में सरकार का गठन किया, उस पर भी जमकर हंगामा हुआ. फडणवीस के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना ने बीजेपी के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद आखिरकार फडणवीस को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा. किन्तु इस सारे घटनाक्रम पर बीजेपी नेता अनंत कुमार हेगड़े ने बड़ा बयान दिया है.

अनंत कुमार अक्सर अपने बयान के कारण विवादों में रहते हैं. किन्तु महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़णवीस सरकार के तीन दिन के कार्यकाल के कारण हेगडे ने केन्द्र सरकार द्वारा दिया गया फंड बताया है. हेगडे ने बोला कि मुख्यमंत्री के पास केन्द्र सरकार द्वारा भेजे गए 40000 करोड़ रुपए का अधिकार होता है व वह इस फंड को सरकार की सभी योजनाओं के लिए आवंटित कर सकता है. फडणनवीस को इस सम्बन्ध में पता था कि अगर एनसीपी-शिवसेना और कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो इस फंड का दुरूपयोग होगा.

हेगडे ने बोला कि केन्द्र के फंड का गलत प्रयोग होने से बचाने के लिए इस ड्रामे को करने का निर्णय लिया गया व देवेंद्र फडणवीस प्रदेश के सीएम बनें. मुख्यमंत्री बनने के महज 15 घंटों के अंदर उन्होंने 40000 करोड़ रुपए वापस केन्द्र सरकार को ट्रांसफर कर दिए. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस केवल तीन दिन ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहे, जिसके बाद अजित पवार ने अपने डिप्टी मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे दिया. अजित पवार के त्याग पत्र देने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे दिया था.