दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राजघाट स्थित समता स्थल पर प्रारम्भ किया अनशन, यह हैं कारण

 दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राजघाट स्थित समता स्थल पर प्रारम्भ किया अनशन, यह हैं कारण

तेलंगाना की घटना के बाद दुष्कर्मियों के लिए व सख्त कानून लाने की मांग उठने लगी है. इसके लिए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राजघाट स्थित समता स्थल पर अनशन प्रारम्भ किया है. उनके साथ सैकड़ों लड़कियां भी अनशन कर रही हैं. दूसरे दिन निर्भया की मां ने भी अनशन स्थल पहुंचकर स्वाति को समर्थन दिया. 

अनशन स्थल से स्वाति ने महिला सांसदों को लेटर लिखकर झकझोरने की प्रयास की है. उन्होंने दुष्कर्मियों के लिए कठोर कानून की मांग संसद में उठाने की मांग की है.

स्वाति ने कहा, “यदि आप मांग संसद में नहीं उठा पातीं तो उम्मीद करूंगी कि राजघाट आकर देश की बेटियों के अनशन में भाग लेंगी व तब तक नहीं रुकेंगी जब तक देश में महिला क्राइम के विरूद्ध मजबूत तंत्र नहीं बन जाता.” स्वाति ने लेटर में बोला कि पिछले तीन वर्षों में दिल्ली महिला आयोग ने 55,000 केस की सुनवाई की है. हेल्पलाइन 181 पर ढाई लाख कॉल्स अटेंड कीं व 75000 ग्राउंड विजिट की.

यह देश का इकलौता महिला आयोग है जो शनिवार व रविवार को रात-दिन कार्य करता है. बलात्कार की घटनाओं के विरूद्ध स्वाति कई बार अनशन कर चुकी हैं. उन्होंने बोला कि सिर्फ कानून बना देना बहुत ज्यादा नहीं है, उसको लागू भी करना होगा. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि तत्काल सभी 'रेपिस्टों' को छह महीने में फांसी की सजा का कानून लागू हो. स्वाति ने महिला सांसदों से कम से कम छह मांगें संसद में उठाने की मांग की है. पहली मांग है कि निर्भया के दोषियों को तुरंत फांसी दी जाए, क्योंकि इंतजार करते-करते आठ वर्ष हो गए.

उनकी अन्य मांगें हैं, दुष्कर्मियों को छह महीने में फांसी के लिए सभी कानूनों में संशोधन के साथ दया याचिका की समय सीमा भी तय हो. गृह मंत्रालय 66000 कमीर् दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराए. देशभर में अधिक से अधिक फास्ट ट्रैक न्यायालय खोली जाएं. स्वाति ने बोला कि दिल्ली में कम से कम व 45 न्यायालय की आवश्यकता है. निर्भया फंड को लेकर उन्होंने बोला कि हजारों करोड़ रुपये देश की बच्चियों की जान बचाने में कार्य आ सकते थे, मगर यह फंड वषोर्ं से सरकारी खजानों में बंद हैं.