जेएनयू में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर पिछले 45 दिनों से चल रहा आंदोलन हुआ खत्म

जेएनयू में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर पिछले 45 दिनों से चल रहा आंदोलन हुआ खत्म

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर पिछले 45 दिनों से चल रहा आंदोलन गुरूवार को खत्म होने की आसार है। 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय व छात्रसंघ पदाधिकारियों की लगातार दो दिन चली मीटिंग के बाद बीते बुधवार को छह बिंदुओं पर चर्चा हुई। जंहा विश्वविद्यालय की सहमति से तैयार छह बिंदुओं के प्रस्ताव पर छात्रसंघ ने बीते बुधवार यानी 11 दिसंबर 2019 की रात को जनरल बाडी बैठक (जीबीएम) बुलाई। इस मीटिंग में विद्यार्थियों का साथ मिलने के बाद जेएनयू में बृहस्पतिवार को आंदोलन समापन की आसार है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने छात्रसंघ से बीते बुधवार को बात करने से पहले विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। वहीं विश्वविद्यालय की सहमति के बाद मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने छह बिंदुओं पर प्रस्ताव छात्रसंघ के समक्ष रखा। छात्रसंघ व मंत्रालय की गुरूवार को दोबारा मीटिंग होगी। इसमें जीबीएम में पास प्रस्ताव को मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि अभी तक हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी के बगैर आंदोलन खत्म करने को विद्यार्थी तैयार नहीं है।

छात्रसंघ के समक्ष यह प्रस्ताव रखे:-

- हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के तहत कमरे का किराया बढ़ेगा। विद्यार्थियों को कमरे का किराया संशोधित हॉस्टल मैनुअल के आधार पर देना होगा। हालांकि बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को किराये में पचास प्रतिशत छूट दी जाएगी। (दस रुपये वाले कमरे का किराया तीन सौ रुपये व बीस रुपये से बढ़ाकर छह सौ रुपये किया गया है। )

- यूटिलिटी और सर्विस चार्ज अब विद्यार्थियों को नहीं देने होंगे। उसका पूरा खर्चा अगले आदेश तक यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) जेएनयू प्रशासन को देगा।

-जेएनयू प्रशासन का डीन स्टूडेंट वेलफेयर छात्रसंघ 2019 को उच्च न्यायालय के नियमों के तहत मान्यता देने की अधिसूचना जारी करेगा।

- कैंपस में पिछले 45 दिनों से आंदोलन की वजह से कक्षाओं का बहिष्कार हुआ है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की पढ़ाई के नुकसान को बचाने के लिए सेमेस्टर को दो सप्ताह बढ़ाने का समय देगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रस्ताव को जेएनयू अकेडमिक काउंसिल में रखकर पारित करने की मांग करेगा।

आज से सेमेस्टर इम्तिहान की आसार कम:विश्वविद्यालय में गुरूवार से सेमेस्टर इम्तिहान प्रारम्भ होनी थी। हालांकि कुछ स्कूल और सेंटर को छोड़कर अन्य की कक्षाओं में ताले लगे हुए हैं। इसलिए सेमेस्टर इम्तिहान प्रारम्भ होने की आसार भी कम है।

जीबीएम के बाद विद्यार्थियों की सहमति से फैसला:वहीं मंत्रालय के साथ मीटिंग अच्छा रही है। जंहा उन्होंने जो प्रस्ताव दिया है, उसे जनरल बाडी बैठक में लेकर जा रहे हैं। विद्यार्थियों की सहमति के बाद ही अगला निर्णय किया जाएगा।