दिल्ली, यूपी सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें

दिल्ली, यूपी सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें

दिल्ली-एनसीआर, यूपी  सहित देश के कई राज्यों में तेज बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक आज यानि शुक्रवार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व जम्मू में तेज बारिश होगी। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान व गुजरात के कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

आईएमडी के मुताबिक राजधानी दिल्ली व एनसीआर के इलाकों में 29 तक बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। बारिश के कारण शुक्रवार सुबह दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाण के कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट महसूस की गई है। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश में भी अलगे पांच दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। गुजरात में 25 व 26 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश में 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।


उत्तर प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यूपी में लखनऊ समेत कई जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, महराजगंज, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर व सुल्तानपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

जानें- इस समय क्यों हो रही है बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इस वक्त दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं भरपूर नमी लेकर आ रही हैं। इस बीच बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के असर से कई स्थानों पर निम्न दबाव बन रहे हैं, इससे हवाएं चक्रवात बना रही हैं। इससे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। साथ ही गुजरात से बंगाल की खाड़ी तक बादल छाया हुआ है।


जानें- कब होगी मानसून की वापसी

भारतीय मौसम विभाग की माने तो पूरे सितंबर महीने में मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार हर साल मानसून की अनुमानित वापसी की तारीख 25 सितंबर है। लेकिन इस बार 29 सितंबर तक मानसून की वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। अलम यह है कि पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदान तक बारिश हो रही है।


भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

अफगानिस्‍तान की स्थिति पर द‍िल्‍ली में अगले महीने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक होनी है। इसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में कई अन्‍य देशों के साथ रूस और पाकिस्‍तान को भी न्‍योता दिया गया है। बैठक की अध्‍यक्षता भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे। माना जाता है कि इस क्षेत्रीय सम्‍मेलन में चीन, इरान, तजाकिस्‍तान और उजबेकिस्‍तान को भी बुलाया गया है। इसमें अफगानिस्‍तान में मानवीय संकट के मसलों पर बातचीत होगी। साथ ही सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। 


प्रस्तावित वार्ता 10-11 नवंबर को हो सकती हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह सम्मेलन 2019 में ईरान में पहले आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के समान प्रारूप में होगा। एनएसए-स्तरीय बैठक में आमंत्रित लोगों में अफगानिस्तान के पड़ोसी देश- रूस, चीन, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। पता चला है कि उस आमंत्रण को पाकिस्तान के एनएसए मोईद युसूफ को भी दे दिया गया है, हालांकि सम्मेलन और आमंत्रण पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पता चला है कि तैयारी चल रही है।


तालिबान से दुनिया को जैसी अपेक्षाएं हैं, उसके बारे भी अवगत कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिन देशों के एनएसए को आमंत्रित किया गया है, उन्‍हें पहले ही भारत से निमंत्रण मिल चुका है। हालांकि, इस कॉन्‍फ्रेंस में तालिबान को न्‍योता नहीं दिया गया है। यह बैठक नवंबर के दूसरे हफ्ते में प्रस्‍तावित है।

रूस ने भी 20 अक्‍टूबर को मॉस्‍को में इसी तरह का सम्‍मेलन रखा है। इसमें भारत के साथ-साथ उसने तालिबान को भी बुलाया है। हालांकि, भारत सरकार तालिबान को यहां बुलाने को लेकर अभी असमंजस में है। कारण है कि तालिबान को अभी अंतरराष्‍ट्रीय बिरादरी की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। खासतौर से मानवाधिकार से जुड़े मसलों को लेकर अभी उससे कहीं ज्‍यादा अपेक्षा हैं। इनमें महिलाओं, बच्‍चों और अल्‍पसंख्‍यकों के मानवाधिकार शामिल हैं।


यह देखना दिलचस्‍प होगा कि पाकिस्‍तान कॉन्‍फ्रेंस में क्‍या भूमिका अदा करता है। देखने वाली बात तो यह भी होगी कि पाकिस्‍तानी एनएसए मोईद यूसुफ आते हैं कि नहीं। अगर ऐसा होता है तो 2016 में अमृतसर में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश सलाहकार सरताज अजीज के बाद दोनों ओर से यह किसी उच्‍चाधिकारी का पहला दौरा होगा। इस साल मई में भी भारत ने अफगानिस्‍तान पर कॉन्‍फ्रेंस का प्रस्‍ताव किया था। तब भी यूसुफ को न्‍योता दिया गया था। हालांकि, दिल्‍ली में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह बैठक नहीं हो पाई थी।