हैदराबाद महिला डॉक्टर केस के बाद, स्त्रियों की सुरक्षा में खर्च की जाने वाली राशि व सुरक्षा के प्रबंधों की प्रारम्भ हो गई समीक्षा

हैदराबाद महिला डॉक्टर केस के बाद, स्त्रियों की सुरक्षा में खर्च की जाने वाली राशि व सुरक्षा के प्रबंधों की प्रारम्भ हो गई समीक्षा

हैदराबाद (Hyderabad) में 26 वर्षीय महिला डॉक्टर से बलात्कार (Rape) और जलाकर हत्या के बाद स्त्रियों की सुरक्षा में खर्च की जाने वाली राशि व सुरक्षा के प्रबंधों की समीक्षा प्रारम्भ हो गई है। मंलगवार को इस बारे में लोकसभा में सरकार ने एक चौंकाने वाली जानकारी दी है।

सरकार की ओर से बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्भया फंड के तहत स्त्रियों की सुरक्षा के लिए दी जाने वाली राशि का पांच राज्यों ने एक पैसा भी खर्च नहीं किया है। महिला एंव बाल विकास मंत्रालय के नवंबर 2019 के आंकड़ों के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेश को दी गई राशि का 91 फीसदी भाग खर्च नहीं किया गया। निर्भया फंड के तहत केन्द्र ने राज्यों को 1,672 करो़ड़ रुपये का फंड दिया था, जिसमें कुल 147 करोड़ रुपये ही खर्च किए गये हैं।

किन राज्यों को कितना दिया फंड
केन्द्र सरकार ने निर्भया फंड के तहत महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, दमन- द्वीप को 183 करो़ड़ रुपये का फंड दिया था, लेकिन इन राज्यों ने रकम को खर्च तक नहीं किया। अकेले महाराष्ट्र को केन्द्र ने 130 करोड़ रुपये दिए थे। तेलंगाना में जहां 26 वर्षीय वेटनरी चिकित्सक की बलात्कार के बाद जलाकर मर्डर की गई है, वहां पर सरकार ने निर्भया फंड के तहत 103 करोड़ रुपये दिए थे। जिसमें वहां केवल 4.19 करोड़ रुपये खर्च किए गये, जो फंड की मात्र 4 फीसदी राशि है।

इसके साथ ही दिल्ली जो आज भी बलात्कार की राजधानी बनी हुई है, यहां पर निर्भया फंड की महज 5 फीसदी राशि को खर्च किया गया है। केन्द्र ने दिल्ली को 390 करोड़ रुपये की राशि निर्भया फंड के भीतर दी है। वहीं तेलंगाना में 1.38 करोड़ रुपये ही सरकार ने खर्च किया है, जबकि निर्भया फंड के भीतर 13.96 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश को दी गई थी।

इन राज्यों ने एक भी पैसा नहीं किया खर्च
देश के कई राज्यों ने जहां चार से पांच फीसदी ही निर्भया फंड की राशि के खर्च किया है, वहीं कुछ प्रदेश ऐसे भी हैं, जिन्होंने इस राशि का एक भी पैसा खर्च नहीं किया है। इनमें बिहार, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, दिल्ली व पांडिचेरी शामिल हैं।

न्याय विभाग ने 78.96 करोड़ रुपये दिए
महिलाओं की सुरक्षा के लिए न्याय विभाग ने 78.96 करोड़ रुपये 11 राज्यों को जारी किया है, जिस राशि को भी राज्यों ने खर्च नहीं किया। इन राज्यों में झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा व उत्तराखंड शामिल हैं।

निर्भया फंड क्या है व क्यो दिया जाता है
वर्ष 2012 में दिल्ली में देश को दहलाने वाला एक गैंगरेप हुआ था, जिसमें लड़की को निर्भया नाम दिया गया था। इस गैंगरेप की देश-विदेश में निंदा हुई थी व विरोध में विदेशों तक में प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद केन्द्र सरकार ने स्त्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्भया फंड की स्‍थापना की थी।

निर्भया फंड लड़कियों व स्त्रियों की सुरक्षा करने के लिए बनाया गया था कि उनके प्रति क्राइम को रोका जा सके। इसके तहत देश भर में बलात्कार संबंधी शिकायतों व मुआवजे के निस्तारण के लिए 660 एकीकृत वन स्टॉप सेंटर बनाने की योजना थी। जिससे कि पीड़िताओं को कानूनी व आर्थिक मदद भी मिल सके। इसके साथ ही उनकी पहचान भी छिपी रहे। सार्वजनिक स्थानों पर परिवहन में सीसीटीवी कैमरे लगने थे, जिससे अपराधियों की पहचान जल्द की जा सके।