लालू के कारागार में होने के बाद तेजस्वी यादव ने राजद की जिम्मेदारी पूरी तरह से ली संभाल

 लालू के कारागार में होने के बाद तेजस्वी यादव ने राजद की जिम्मेदारी पूरी तरह से ली संभाल

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व चारा घोटाला मुद्दे में कारागार में कैद लालू प्रसाद यादव को दोबारा निर्विरोध राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का अध्यक्ष चुना गया है. वह 11वीं बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं. 

सोमवार को विधायक भोला यादव ने उनके नाम से नामांकन लेटर दायर किया. इसके साथ ही उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि तेजस्वी यादव को पार्टी की बागडौर सौंपी जा सकती है.

हालांकि लालू के कारागार में होने के बाद तेजस्वी यादव ने राजद की जिम्मेदारी पूरी तरह से संभाल ली है. उनके स्तर पर ही सारी नीतियां निर्धारित की जाती हैं. यह बात अलग है कि वह लालू की मंजूरी लेना कभी नहीं भूलते. वहीं लालू बहुत ज्यादा समय से सक्रिय पॉलिटिक्स से दूर हैं. इसी कारण यह चर्चा थी कि अब पार्टी की कमान तेजस्वी प्रसाद यादव के हाथों में दे दी जाएगी. लेकिन सोमवार को जैसे ही लालू प्रसाद के नाम से नामांकन लेटर दाखिल किया गया, वैसे ही यह फाइनल हो गया था कि एक बार फिर पार्टी की बागडौर उसके निर्माणकर्ता के हाथ में जाएगी.

आपको बता दें कि लालू यादव को पिछले साल बिहार के चर्चित चारा घोटाले में दोषी पाया गया था. जिसके बाद उन्हें 7 साल कैद की सजा सुनायी गई. इसके साथ ही न्यायालय ने लालू यादव पर 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था. लालू यादव पर आरोप था कि 1991 से 1996 के बीच गैर-विभाजित बिहार के सीएम रहते हुए लालू यादव ने पशुपालन विभाग के दुमका कोषागार से 3.5 करोड़ रुपए गैरकानूनी ढंग से निकाले थे.