24 घंटे में दी गई कोरोना वैक्सीन की 17.06 लाख डोज, कुल आंकड़ा 49 करोड़ के पार

24 घंटे में दी गई कोरोना वैक्सीन की 17.06 लाख डोज, कुल आंकड़ा 49 करोड़ के पार

देश में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान तेज रफ्तार से चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 49.64 करोड़ से अधिक कोविड-19 वैक्सीन खुराक प्रदान की जा चुकी हैं और अतिरिक्त 9.84 करोड़ डोज की आपूर्ति किए जाने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्रालय ने कहा कि 3.14 करोड़ से अधिक (3,14,34,654) कोरोना वैक्सीन की खुराक अभी भी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास उपलब्ध हैं, जिन्हें प्रशासित किया जाना है। भारत में टीकाकरण का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ था।

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत, भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोविड-19 टीके उपलब्ध कराकर उनका समर्थन कर रही है। भारत में टीकाकरण कवरेज 47.22 करोड़ से अधिक हो गया है। आज सुबह 7 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर 47 करोड़ 22 लाख 23 हजार 639 वैक्सीन खुराक 55 लाख 99 हजार 690 सत्रों के माध्यम से दी गई हैं। वहीं, पिछले 24 घंटों में 17 लाख 06 हजार 598 टीके की खुराक दी गई है।


वही, भारत में लगातार छठे दिन उपचाराधीन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में कोरोना के 40,134 नए मामले सामने आए हैं। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,16,95,958 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से 422 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,24,773 हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 46,96,45,494 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 14,28,984 नमूनों की जांच रविवार को की गई। देश में कोरोना की दैनिक संक्रमण दर 2.81 प्रतिशत है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 2.37 प्रतिशत हो गई है। देश में अभी तक कुल 3,08,57,467 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।