15 दिसंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा होगी आयोजित, जानिए

15 दिसंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा होगी आयोजित, जानिए

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली प्रवर अधीनस्थ परीक्षा-2019 की प्रारंभिक इम्तिहान इस साल 15 दिसंबर, 2019 को पूर्व निर्धारित है. यह एक प्रतिष्ठित इम्तिहान है व कोई भी स्नातक इस इम्तिहान के लिए आवेदन कर सकता है. यह इम्तिहान किसी विशेष पृष्ठभुमि की मांग नहीं करती है. ठीक रणनीति व उम्मीदवार की ठीक दिशा में की गई

मेहनत उसको इस इम्तिहान में पास करा सकती है. आप स्मार्ट स्टडी व कुशल रणनीति द्वारा इस इम्तिहान में कम समय में पास हो सकते हैं. तो आइए चर्चा करते हैं कि क्या हो वह रणनीति? 

समसामयिकी : यह प्रारंभिकी इम्तिहान का सबसे जरूरी खंड है, जिसमें औसतन 20-28 प्रश्न पूछे जाते हैं. इसके लिए पिछले एक साल की समसामयिकी पर्याप्त रहेगी लेकिन इम्तिहान आयोजन के पहले के छः महीने पूर्व की समसामायिकी पर विशेष फोकस करें.

इतिहास : यह प्रारंभिक इम्तिहान का दूसरा जरूरी खंड है, जिसके तीन भाग हैं प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन हिंदुस्तान व आधुनिक भारत. इन भागों में वरीयता के क्रम के बारे में बात की जाए तो सबसे ज्यादा आधुनिक हिंदुस्तान उसके पश्चात् प्राचीन काल व उसके पश्चात् मध्यकालीन हिंदुस्तान को महत्व देना है. हालांकि 2018 की प्रारंभिक इम्तिहान में मध्यकाल के प्रश्न ज्यादा थे परंतु पिछले कई सालों का औसत निकाला जाए तो आधुनिक हिंदुस्तान से ही सर्वाधिक प्रश्न आते हैं. प्राचीन हिंदुस्तान के लिए एनसीईआरटीई, मध्यकालीन हिंदुस्तान एस के पांडे और आधुनिक हिंदुस्तान के लिए स्पेक्ट्रम आधुनिक हिंदुस्तान का अध्ययन करें.

भूगोल : यह प्रारंभिक इम्तिहान का तीसरा जरूरी खंड है जिसमें हिंदुस्तान का भूगोल व दुनिया भूगोल को मिलाकर औसतन 20-25 प्रश्न पूछे जाते हैं. इसमें आपको सर्वाधिक महत्व हिंदुस्तान के भूगोल को देना है, जिनमें भारतीय नदियां, भारतीय मिट्टियां, हिंदुस्तान के आर्थिक भूगोल व हिंदुस्तान में ऊर्जा के परिदृश्य जैसे टॉपिक्स पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करना होगा. 

सामान्य विज्ञान : इसके मुख्यतः तीन भाग हैं - भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, व जीव विज्ञान. सर्वाधिक समय जीव विज्ञान उसके बाद भौतिक विज्ञान व उसके बाद रसायन विज्ञान को देना है. आप जीव विज्ञान में मानव रचना एवं क्रिया विज्ञान, रोग एवं इलाज पर अत्यधिक फोकस करें, वहीं भौतिक विज्ञान में गुरुत्व के गुलाम गति, प्रकाश, ऊष्मा, तरंग गति, ध्वनि, विद्युत धारा इत्यादि खंड़ों पर ध्यान देना ठीक रहेगा. तीनों खंडों की तैयारी के लिए लूसेंट सामान्य विज्ञान के नोट्स पर्याप्त हैं. 

भारतीय राजव्यवस्था : इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूर्व सालों में पूछे गए हैं, राजव्यवस्था में अनुच्छेद 1 से 51 तक, राष्ट्रपति, संसद, उच्चतम न्यायालय, संविधान संशोधन, पंचायती प्रदेश केन्द्र प्रदेश संबंध इत्यादि टॉपिक जरूरी हैं.

अर्थशास्त्र : इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें पारंपरिक अर्थशास्त्र के साथसाथ अर्थव्यवस्था के समसामयिकी के मददों का भी अध्ययन आवश्यक है. अर्थशास्त्र में मुद्रा एवं बैंकिंग, उद्योग, गरीबी, राष्ट्रीय आय, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और संस्थाएं एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें. 

जनगणना : इस खंड में औसतन 7-10 प्रश्न पिछले सालों में आये हैं, जिनमें हिंदुस्तान की जनगणना, यूपी की जनगणना व दुनिया जनगणना को क्रमशः महत्व दें.

 पर्यावरण : वर्तमान इम्तिहान प्रणाली में इस खंड का महत्व दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. इस खंड के लिए तैयारी पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी इम्तिहान वाणी प्रकाशन पर्याप्त है. 

उत्तर प्रदेश प्रदेश विशेष : इस खंड में उ। प्र। की कला एवं संस्कृति, जनजातियां, खनिज संसाधन, नदियां बांध इत्यादि से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाते हैं. इन प्रश्नों की तैयारी के लिए घटना चक्र प्रकाशन की उपयोगी सिद्ध होगी. नोट यूपीपीएससी में पूर्व मे आये हुए प्रश्नों का विशेष महत्व रहता है इसलिए पिछले 10 सालों के प्रश्नों को जरुर हल करें.