उन्नाव केस: डाक्टर शलभ कुमार ने बताया, "हमारे बेहतर प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका"

उन्नाव केस: डाक्टर शलभ कुमार ने बताया, "हमारे बेहतर प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका"

उन्नाव बलात्कार पीड़िता (unnao rape victim) आखिरकार जिंदगी की जंग पराजय गई। शुक्रवार रात 11: 40 पर सफदरजंग अस्पताल (safdarjung hospital) में उसकी मृत्यु हो गई। जिसकी जानकारी पीड़िता की बहन ने दी। अस्पताल के बर्न व प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डाक्टर शलभ कुमार ने पीड़िता के निधन की पुष्टि करते हुए बोला कि रात करीब 11:10 पर पीड़िता के दिल ने कार्य करना बंद कर दिया। 

डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ व 11:40 पर उसका निधन हो गया।

अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डाक्टर शलभ कुमार ने बताया, ‘हमारे बेहतर प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम में उसकी हालत बेकार होने लगी। रात 11 बजकर 10 मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ा। हमने बचाने की प्रयास की लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसकी मृत्यु हो गई। ’

'मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत'

हालांकि 90 फीसदी से भी ज्यादा जल चुकी उत्तर प्रदेश की इस 'निर्भया' ने आखिरी वक्त तक भी पराजय नहीं मानी थी। गुरुवार रात 9 बजे तक वह होश में थी। जब तक होश में थी कहती रही- मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत। फिर नींद में चली गई, डॉक्टरों ने पूरी प्रयास की, वेंटिलेटर पर रखा लेकिन वो नींद से नहीं उठी। व फिर । । संसार छोड़ कर चली गई। न्याय की जंग लड़ते-लड़ते निर्भया जिंदगी की जंग पराजय गई।

उन्नाव बलात्कार पीड़िता की मृत्यु हो गई है।

डॉक्टरों ने बोला था- बचने के चांस हैं कम
सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डाक्टर सुनील गुप्ता ने शुक्रवार प्रातः काल 11 बजे बयान जारी कर बोला था कि पीड़िता के बचने के चांस बहुत कम हैं। उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए वेंटीलेटर पर रखा गया था। बोला जा रहा था कमर के नीचे के दो अंदरूनी अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था।

संक्रमण रोकने की प्रयास लेकिन
डॉक्टरों को सबसे ज्‍यादा भय संक्रमण फैलने का था। भय भी ठीक साबित हुआ, पीड़िता के शरीर में तेजी से संक्रमण फैला जिसे रोकना मुमकिन नहीं रहा। डॉक्टरों ने इस बात की जानकारी पहले ही दी थी कि यदि पीड़िता के शरीर में संक्रमण फैल गया तो फिर उसे कंट्रोल करना बहुत कठिन होगा। बताया जा रहा है कि बर्न केस में ज्यादातर मरीज की मृत्यु संक्रमण फैलने के चलते हो जाती है।

आरोपियों के जलाने के बाद उन्नाव (Unnao) से लखनऊ व फिर एयरलिफ्ट कर दिल्ली (Delhi) के सफदरजंग अस्पताल में करवाया गया था भर्ती, 90 फीसदी से ज्यादा जल चुकी थी बलात्कार पीड़िता, गुरुवार रात 9 बजे तक होश में थी, कहती रही- मुझे जलाने वालों को किसी भी हाल में मत छोड़ना।