भारत ने बोला, 'दुनिया समुदाय का मानना ​​है कि पाक लश्कर-ए-तैयबा...

भारत ने बोला, 'दुनिया समुदाय का मानना ​​है कि पाक लश्कर-ए-तैयबा...

भारत ने शुक्रवार को बोला कि दुनिया समुदाय का मानना ​​है कि पाक लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के निर्माणकर्ता हाफिज सईद व 2008 के मुंबई हमलों की योजना बनाने व उसे अंजाम देने में शामिल अन्य लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए गंभीर नहीं है. पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर के ऑपरेशन कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात लोगों को हिरासत में लिया था, जो कि 166 लोगों की जान लेने वाले हमलों की योजना बनाने, वित्तपोषण करने व उन्हें अंजाम देने में शामिल थे. 

हालांकि, उनका मुकदमा कई वर्षों से रुका हुआ है व लखवी को 2015 में जमानत पर बरी कर दिया गया था. इसके अतिरिक्त हिंदुस्तान ने पाक से बोला है कि कुलभूषण जाधव को ''तुरंत, प्रभावी व निर्बाध राजनयिक पहुंच दी जाए व इस मुद्दे में हिंदुस्तान पड़ोसी देश के साथ राजनयिक चैनलों के माध्यम से सम्पर्क में है.

पाकिस्तान ने सितम्बर में बोला था कि जाधव को दूसरी राजनयिक पहुंच नहीं दी जाएगी जिसके बाद हिंदुस्तान ने बोला था कि उनके मुद्दे में वह अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट के निर्णय को पूरी तरह लागू कराने का कोशिश जारी रखेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ''कुलभूषण जाधव के मुद्दे में हम कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से पाक के सम्पर्क में हैं. इस मुद्दे पर वार्ता की प्रकृति के बारे में सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करुंगा. उनसे पूछा गया था कि जाधव को दूसरी राजनयिक पहुंच के बारे में क्या प्रगति है.

उन्होंने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय के आलोक में हमने पाक से त्वरित, प्रभावी व निर्बाध राजनयिक पहुंच का आग्रह किया है व देखते हैं कहां तक जाता है. इस मामले पर हिंदुस्तान व पाक के बीच कुछ वार्ता हुई है. जाधव को पाक की सैन्य न्यायालय ने जासूसी व आतंकवाद के आरोपों में अप्रैल 2017 में सज़ा-ए-मौत सुनाई थी. इसके कुछ समय बाद हिंदुस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया व जाधव की सज़ा-ए-मौत को चुनौती दी थी. 

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने 17 जुलाई को अपने आदेश में पाक को जाधव की सजा पर ''प्रभावी समीक्षा करने व अविलंब राजनयिक पहुंच मुहैया कराने का आदेश दिया था. पाक द्वारा राजनयिक पहुंच दिये जाने के बाद भारतीय उच्चायोग के उप राजदूत गौरव अहलूवालिया ने 2 सिंतबर को जाधव से मुलाकात की थी.