साइबराबाद पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस वहीं की जहां पर आरोपितों को मृत्यु घाट गया उतारा, जाने

 साइबराबाद पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस वहीं की जहां पर आरोपितों को मृत्यु घाट गया उतारा, जाने

पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई. पुलिस ने बोला कि वह आरोपितों को घटनास्थल पर लेकर गई थी. इसी दौरान उन्होंने पुलिसवालों पर हमला किया व फरार होने की प्रयास करने लगे. इसके बाद पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में सभी आरोपित मारे गए. साइबराबाद पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस वहीं की जहां पर आरोपितों को मृत्यु घाट उतारा गया. आइये जानते हैं

भारत में बलात्कार के मामले

भारत में 1,28,000 से ज्यादा बलात्कार मुद्दे 2017 के आखिर में न्यायालय में लंबित थे. अदालतों में लंबित मामलों के चलते पीड़ितों को न्याय पाने में वर्षों वर्ष लग जाते है.

नोट : भारत में क्राइम के आंकड़े प्राथमिक क्राइम नियम के अनुसार हैं. यदि किसी मुद्दे में जहां पर पीड़ित के साथ बलात्कार के बाद मर्डर की गई है, वहांपर मर्डर का मुद्दा दर्ज किया जाएगा. सरकार ‘सबसे जघन्य अपराध’ को प्राथमिक क्राइम मानती है. इस मुद्दे में बलात्कार मुद्दे के आंकड़े नहीं होते हैं.

(स्रोत : राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो)

पूरा मुद्दा एक नजर में

27 नवंबर 2019: हैदराबाद के शादनगर में घर जा रही पशु डॉक्टर के साथ चार युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया व फिर उसे जला दिया.

28 नवंबर: पशु डॉक्टर का अधजला मृत शरीर शादनगर में एक पुलिया के नीचे मिला.

29 नवंबर : तेलंगाना पुलिस ने इस मुद्दे की छानबीन के दौरान 20 से 24 वर्ष के आयु के चार लोगों को बलात्कार व मर्डर के आरोप में अरैस्ट किया.इस घटना को लेकर देश भर में लोगों ने अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया. पुलिस ने टोल प्लाजा व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. पुलिस को जानकारी मिली कि एक ट्राला यहां करीब 8 घंटे तक खड़ा रहा. इसी आधार पर पुलिस ने छानबीन प्रारम्भ की व ट्राले के ड्राइवर व 3 हेल्परों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. यहां इन आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया. इसी दिन तेलंगाना के गृह मंत्री ने महमूद अली ने बेतुका बयान दिया. उन्होंने बोला कि अगर चिकित्सक बहन को फोन करने की बजाय 100 नंबर पर फोन करती तो उसे बचाया जा सकता था.

 

30 नवंबर: न्यायालय ने आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

01 दिसंबर : तेलंगाना के सीएम के। चंद्रशेखर राव ने तेजी से मुकदमा चलाने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालय के गठन की घोषणा की. इससे ये उम्मीद जगी किइस दुस्साहसिक घटना के गुनहगारों को जल्द से जल्द सजा मिल सकेगी. तेलंगाना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम महेंद्र रेड्डी ने इस मुद्दे में कोताही बरतने वाले पुलिसवालों पर कार्रवाई की. साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इस मुद्दे में तीन पुलिसवालों को निलंबित किया.

 

02 दिसंबर: तेलंगाना के हैदराबाद में चिकित्सक से बलात्कार व मर्डर के मुद्दे की गूंज संसद में भी सुनाई दी. सांसदों ने एक सुर में ऐसे मामलों में कठोर सजाके निर्धारण की मांग की. साथ ही त्वरित न्याय मिलने के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई. चर्चा के दौरान सदस्यों ने दळ्ष्कर्म के दोषियों को भीड़ के हवाले करने व उन्हें नपुंसक बनाने तक केसुझाव दे डाले.

03 दिसंबर: चेरलापल्ली कारागार में बंद चार आरोपितों में से एक ने किडनी की बीमारी का उपचार मुहैया कराने की मांग की है.

 

04 दिसंबर: मुद्दे की सुनवाई के लिए महबूबनगर जिला न्यायालय में विशेष न्यायालय का गठन किया गया ताकि त्वरित न्याय हो.

06 दिसंबर: मामले के चारों आरोपितों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया.