ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे की संभावना ज्यादा, जाने क्यों

ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे की संभावना ज्यादा, जाने क्यों

सिजेरियन डिलिवरी यानी कि ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे की संभावना रहती है अभी तक ऐसा माना जाता रहा है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है

कि सिजेरियन डिलिवरी यानी कि ऑपरेशन से पैदा होने वाले बच्चों में नॉर्मल डिलीवरी से पैदा होने वाले बच्चों की फैट की चर्बी होने की कोई भी आसार नहीं होती है। सीधे तौर पर बोला जाए तो सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा नहीं होता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से


स्वीडन के वैज्ञानिकों ने इसपर कार्य किया है। वैज्ञानिकों ने इस तथ्य पर कि सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा होता है, पर कार्य किया है। गहन शोध के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि सिजेरियन डिलिवरी से पैदा हुए बच्चों व मोटापे के बीच कोई कनेक्शन नहीं है।



वैज्ञानिकों ने इस शोध के तहत एक लाख लोगों को शामिल किया था जिसमें 18 वर्ष की आयु तक के लोग थे। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि जो बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए थे वो केवल 4.9 फीसदी ही मोटापे का शिकार थे। वहीं, सिजेरियन डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चों में केवल 5.5 प्रतिशत ही मोटापे का शिकार पाए गए।

इस सिलसिले में स्टडी में शामिल डैनियल बर्गलिन्ड ने बताया कि टीम को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि सी-सेक्शन व फैट की चर्बी विकसित होने के बीच किसी भी तरह का कोई संबंध है। इससे यह पता चलता है कि कोई महिला अपने बच्चे को किस तरह से जन्म देती है, फिर चाहे नॉर्मल डिलिवरी हो या ऑपरेशन से हुई डिलिवरी, इसका मोटापे से कोई संबंध नहीं है।