रोहिणी व्रत, शनिवार को है सावन का पहला प्रदोष

रोहिणी व्रत, शनिवार को है सावन का पहला प्रदोष

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह जुलाई माह 2020 का तीसरा सप्ताह है। वहीं हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण मास का दूसरा सप्ताह है। आज श्रावण मास की द्वादशी तिथि है। आज जैन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण रोहिणी व्रत  है। आइए जानते हैं कि इस सप्ताह आने वाला सावन का पहला प्रदोष कब है। इनका विवरण नीचे दिया गया है।

इस सप्ताह के व्रत एवं त्योहारों की सूची:

17 जुलाई: दिन शुक्रवार: रोहिणी व्रत।

इस माह का रोहिणी व्रत 17 जुलाई दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। आज के दिन जैन समुदाय में रोहिणी व्रत का खास महत्व होता है।

18 जुलाई: दिन शनिवार: सावन का पहला प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी।

सावन का पहला प्रदोष व्रत: सावन का पहला प्रदोष व्रत 18 जुलाई को दिन शनिवार को पड़ रहा है। पुत्र कामना के लिए किया जाने वाला शनि प्रदोष व्रत इस बार इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह सावन मास का प्रदोष व्रत है। सावन भगवान शिव का प्रिय माह है और प्रदोष उनकी पूजा का विशेष दिन।


जो बीत गया

13 जुलाई: दिन सोमवार: सावन का दूसरा सोमवार। 
आज सावन माह का दूसरा सोमवार है। आज देशभर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की जा रही है। सावन का पहला सोमवार व्रत 06 जुलाई 2020 को था। उस दिन ही सावन माह का प्रारंभ हुआ था।

14 जुलाई: दिन मंगलवार: सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत। 
श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है। इस बार दूसरा मंगला गौरी व्रत 14 जुलाई को है। इस माह का पहल मंगला गौरी व्रत 07 जुलाई 2020 को था।


15 जुलाई: दिन बुधवार: मासिक कार्तिगाई। 
मासिक कार्तिकगाई के दिन भगवान शिव की आराधना होती है। इन दिन को शाम के समय घरों में तेल के दीपक जलाते हैं। मुख्यत: तमिल हिन्दू इस पर्व को मनाते हैं।

16 जुलाई: दिन गुरुवार: कामिका एकादशी, कर्क संक्रांति। 
कमिका एकादशी: इस वर्ष कामिका एकादशी आज 16 जुलाई दिन गुरुवार को है, इसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के उपेंद्र स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है।
कर्क संक्रांति: आज 16 जुलाई दिन गुरुवार से सूर्य की कर्क संक्रांति का प्रारंभ हो रही है।