मोतियाबिंद के इलाज को लेकर हुआ ये नया अध्ययन, आइए जाने

मोतियाबिंद के इलाज को लेकर हुआ ये नया अध्ययन, आइए जाने

वैज्ञानिकों ने मोतियाबिंद का बिना सर्जरी वाला सस्ता उपचार खोज लिया है. दरअसल, पंजाब के इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने मोतियाबिंद के उपचार के लिए एस्प्रिन से नैनोरॉड (अतिसूक्ष्म छड़) विकसित की है. 

संस्थान ने बोला कि यह मोतियाबिंद का बिना सर्जरी वाला बेहद सस्ता उपाय है. 

यह उन विकासशील राष्ट्रों के लिए लाभदायक हो सका है, जहां लोग मोतियाबिंद के उपचार या सर्जरी का खर्च नहीं उठा सकते. अध्ययन जर्नल ऑफ मैटेरियल्स केमिस्ट्री बी में प्रकाशित किया गया. मोतियाबिंद आंखों की लाइट धीरे-धीरे छिन जाने का सबसे बड़ा कारण है, जब हमारी आंखों में लेंस बनाने वाला क्रिस्टलीन प्रोटीन का ढांचा बिगड़ जाता है तो यह समस्या आ जाती है. 

लिहाजा शुरुआती में ही मोतियाबिंद का उपचार बेहद महत्वपूर्ण है. यह नैनोरॉड क्रिस्टलीन प्रोटीन में असामान्य परिवर्तन को रोक देती है. एस्प्रिन नैनोरॉड्स सूक्ष्म होने के कारण इसकी उपलब्धता बढ़ेगी साथ ही विषाक्तता कम रहेगी. ये एस्प्रिन नैनोरॉड्स एक आई ड्रॉप की तरह आंखों में डाली जा सकती है. यह मोतियाबिंद के उपचार का बेहद व्यावहारिक विकल्प है. गरीब मरीजों के लिए यह बेहद अच्छा उपचार साबित होने कि सम्भावना है.