चेहरे पर हैं मुंहासे तो इन खास बातो को रखे ध्यान में, जानिए

चेहरे पर हैं मुंहासे तो इन खास बातो को रखे ध्यान में, जानिए

चेहरे पर मुंहासे, होंठ फटना या स्कीन पर खुजली होना आम समस्याएं लगती हैं. कई दफ़ा सोचते हैं कि प्रदूषण, मौसम या हॉर्मोन में परिवर्तन इसके कारण हैं.

 परंतु हर बार ऐसा नहीं होता है. ये अंदरूनी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो स्कीन पर नजर आने लगती हैं. कुछ ऐसी ही स्कीन संबंधी समस्याएं आपको बता रहे हैं, जो आम लगती हैं, लेकिन असल में ये आपकी स्वास्थ्य का हाल बताती हैं.

आंखों के नीचे काले घेरे

अधिक नींद लेना, ज्यादा थकान, ज्यादा देर तक जागते रहना, टीवी या लैपटॉप/कंप्यूटर स्क्रीन पर अधिक वक़्त बिताना या अनियमित जीवनशैली के कारण बहुत से लोग काले घेरों की समस्या से पीड़ित हैं. आमतौर पर आंखों के नीचे काले घेरे बढ़ती आयु के कारण भी होते हैं. इसके अतिरिक्त कई बार यह समस्या आनुवंशिक भी होती है. आंखों में खिंचाव की वजह से काले घेरे बन सकते हैं. आंखों में सूखापन भी वजह बन सकती है. इसके अतिरिक्त डिहाइड्रेशन या धूप के कारण हो सकते हैं.

क्या करें : काले घेरों का इलाज इनके कारणों पर निर्भर करता है, लेकिन कुछ तरीका आप कर सकते हैं, जैसे- कोल्ड टी की थैली लगाना व पर्याप्त नींद लेना. कोल्ड कंप्रेस लगाने से सूजन कम हो जाती है व रक्त वाहिकाओं को सिकुड़ने में मदद मिलती है. हरी सब्ज़ियां व विटामिन-ई युक्त आहार लें. कई बार हीमोग्लोबिन की कमी के कारण भी ये घेरे हो सकते हैं, इसलिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे पालक, सेब, किशमिश, चुकंदर आदि आहार में शामिल करें.

होंठों का फटना

मौसम के कारण होंठ फटना आम बात है, जो लिप बाम या क्रीम से अच्छा हो जाते हैं. अगर होंठ हमेशा फटते रहते हैं व इनमें दर्द भी होता है, तो ये डिहाइड्रेशन यानी कि शरीर में पानी की कमी होने का इशारा है. ऐसे में अधिक से अधिक पानी पिएं. होंठ फटने का कारण लिप एक्जिमा भी होने कि सम्भावना है.

क्या करें : होंठ पर जीभ व लार न लगाएं व न इन्हें दांतों से चबाएं. अगर फटे होंठ अच्छा नहीं हो रहे हैं, तो स्कीन विशेषज्ञ से परामर्श करें.

गाल पर लाल चकत्ते

अगर गाल पर या नाक के ऊपरी हिस्से पर लाल चकत्ते हो जाते हैं तो यह ल्यूपस की समस्या है. गंभीर सूजन वाली इस बीमारी में चेहरे पर तितली आकार के लाल चकत्ते पड़ जाते हैं. आमतौर पर धूप के सम्पर्क में आने से इन चकत्तों की समस्या व भी बढ़ जाती है. इन लाल चक्कतों के साथ-साथ बुखार, खुजली व ठंड में उंगलियों की स्कीन हल्की नीली होने जैसी समस्या हो सकती है.

क्या करें : इस स्थिति में स्कीन रोग विशेषज्ञ से परामश लेना ही अच्छा होगा.

त्वचा में खुजली

अगर शरीर के किसी भी हिस्से की स्कीन में लगातार खुजली होती है, खुजलाने के बाद भी नहीं रुकती, स्कीन लाल हो जाती है व खुजली के कारण नींद भी प्रभावित होती है, तो इसका कारण एटॉपिक डर्मेटाइटिस होने कि सम्भावना है. ये समस्या किसी भी आयु में हो सकती है. आमतौर पर ये एलर्जी या हे-फीवर की वजह से होती है.

क्या करें : कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखें, जैसे देर तक नहीं नहाएं, पसीना, धूल, डिटर्जेंट, परागकणों से दूर रहें. किन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है, यह चिकित्सक की मदद से पता करें. सौम्य साबुन से नहाएं. नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह से सुखाएं. दिन में दो बार स्कीन को मॉइस्चराइज़ करें. वज़न कम करने व व्यायाम करने से स्कीन की खुजली कम हो सकती है. इस सबके बावजूद खुजली कम नहीं हो रही है, तो लिवर व किडनी की बीमारी भी कारण हो सकती है. ऐसे में जाँच कराना बेहतर विकल्प है.

चेहरे पर मुंहासे

माथे पर मुंहासे बालों में अधिक डैंड्रफ के कारण हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त तनाव या अच्छा तरह से नींद न ले पाना भी वजह हो सकती है. जिनको यह समस्या होती है उनका पाचनतंत्र ठीक नहीं होता. अगर ठुड्डी पर लगातार मुंहासे निकल रहे हैं तो ये हॉर्मोन की समस्या हो सकती है. ऐसा ठीक तरह से पीरियड्स न होने पर भी होता है. अगर चेहरे व कान के किनारों पर मुंहासे निकल रहे हैं तो हॉर्मोन का असंतुलित होना कारण होने कि सम्भावना है.

क्या करें : होने कि सम्भावना है कि कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स व शैंपू स्कीन को नुक़सान पहुंचा रहे हों. ऐसे में इन्हें बदलकर देखिए. गालों पर मुंहासे निकलने की वजह आहार में शक्कर की अधिक मात्रा का सेवन करना है. ऐसे में कम प्रोसेस्ड शुगर लें. इसके बावजूद मुंहासों की समस्या बनी हुई है, तो स्कीन रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.

त्वचा का पीला पड़ना

त्वचा व आंखों का पीला पड़ना पीलिया व हैपेटाइटिस जैसी बीमारी का इशारा है. इसकी भी वजह से स्कीन में चकत्ते व खुजली हो सकती है.

क्या करें : यदि आपको ऐसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत जाँच के लिए जाएं व दवा लेना प्रारम्भ करें.