शिवलिंग की परिक्रमा करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना...

शिवलिंग की परिक्रमा करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना...

शिव पूजन में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्त्व है। मुख्य रूप से सावन के महीने में लोग शिवलिंग को जल चढ़ाते हैं , शिव लिंग में बेल पत्र, धतूरा और भांग अर्पित करते हैं। इसके अलावा शिवलिंग पर चंदन का लेप किया जाता है जिससे भगवान् शिव प्रसन्न होते हैं और शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी

शिवलिंग को शिव और शक्ति दोनों की सम्मिलित ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग की तासीर को गर्म माना जाता है और इसे ठंडक प्रदान करने के लिए जलधारा से शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। 


शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बाईं तरफ से की जाती है। ऐसा करने से ही शिव पूजन का विशेष फल प्राप्त होता है। बाईं ओर से शुरू करके जलहरी तक जाकर वापस लौट कर दूसरी ओर से परिक्रमा करें। 

इसके साथ विपरीत दिशा में लौट दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें। इस बात का ख्याल रखें कि परिक्रमा दाईं तरफ से कभी भी शुरू नहीं करनी चाहिए। 


शिवलिंग की जलहरी को भूल कर भी नहीं लांघना चाहिए। अन्यथा इससे घोर पाप लगता है। इससे मनुष्य को शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 


अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। इस वृक्ष को लगाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसका उपयोग औषधीय के रूप में भी होता है। बोलते हैं जहां तुलसी के पौधा होता है वहां नकारात्मक एनर्जी नहीं होती है। प्रभु श्री विष्णु की आराधना में तुलसी का उपयोग किया जाता है। इसके बगैर उनकी उपासना अधूरी मानी जाती है। परंपरा है कि नियमित तौर पर तुलसी की आरधना करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष विद्या के मुताबिक, तुलसी का उपयोग गृह क्लेश, विवाह में देरी, व्यापार में हानि की दिक्कतें से छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में.....

पूर्ण होगी मनोकामनाएं
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, एक पीतल के लोटे में 4 से 5 तुलसी की पत्तियां डालकर लगभग 24 घंटे के लिए छोड़ दें। अगले दिन स्नान आदि करने के पश्चात् इस जल को अपने घर के प्रवेश द्वार पर छिड़के दें। इसके अतिरिक्त घर के अन्य भागों में छिड़के इस नकारात्मक एनर्जी दूर हो जाती है। परंपरा है कि इस उपाय को करने से आपकी इच्छाओं को पूरी करने वाली परेशानिया दूर हो जाती है। ध्यान रहे इस काम को करते वक़्त आपको कोई देखें और कोई टोके नहीं। इससे उपाय प्रभावहीन हो जाता है।

कन्या विवाह के लिए
यदि किसी लड़की की शादी में देरी हो रही हो या उसे मनचाहा साथी नहीं मिल रहा हो तो उस लड़की को प्रतिदिन तुलसी के पौधे में पानी डालना चाहिए अपनी कामना बोलनी चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय को करने से शादी के योग बनते हैं।

व्यापार में तरक्की
कारोबार करने वाला मनुष्य चाहता है कि उसका काम अधिक से अधिक बढ़ें। सभी लोग जानते हैं कि कारोबार में अधिक और हानि दोनों चीजें होती रहती है। यदि कारोबार में हो रही हानि से परेशान है तो प्रत्येक शुक्रवार को स्नान करके तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाएं। इसके अतिरिक्त किसी मिष्ठान का भोग लगाएं तथा बचे हुए प्रसाद को सुहागिन स्त्री को दान कर दें। कहा जाता है आहिस्ता-आहिस्ता कारोबार की हानि कम होने लगती है।

वास्तुदोष दूर करें
वास्तुदोष के कारण आपके काम बिगड़ने लगते हैं। वास्तुशास्त्र के मुताबिक, तुलसी सकारात्मक उर्जा देने का काम करता है। यदि आप वास्तुदोष की दिक्कतों से गुजर रहे हैं तो घर के दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएं तथा उसके नियमित रूप से जल दें तथा घी का दीप जलाएं। इस उपाय को करने से घर में नकारात्मक उर्जा दूर हो जाएगी तथा गृह-क्लेश से भी छुटकारा प्राप्त होगा। इससे घर में सुख- समृद्धि बनी रहती हैं।