रक्षा बंधन पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य

रक्षा बंधन पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य

श्रावण शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त 2022 दिन बुधवार को प्रातः 6:50 के बाद अपनी राशि मेष से शुक्र की पहली राशि वृष में मंगल का गोचरीय बदलाव होने जा रहा है. वृष राशि में मंगल 14 अक्टूबर 2022 दिन शुक्रवार तक रह कर अपना असर स्थापित करेंगे. जहां मंगल बल, पौरुष, पराक्रम का कारक ग्रह हैं वही शुक्र कला, प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य का कारक ग्रह है ऐसी स्थिति में मंगल का यह बदलाव बहुत ही जरूरी असर स्थापित करेगा स्वतंत्र हिंदुस्तान की कुंडली वृष लग्न एवं कर्क राशि की है इस दृष्टिकोण से बात किया जाए तो द्वादश एवं सप्तम रेट का कारक ग्रह अर्थात साझेदारी एवं व्यय कारक ग्रह का लग्न रेट में गोचर करना अनावश्यक व्यय में वृद्धि करने वाला होगा. बड़ी बड़ी योजनाओं की घोषणा केंद्र गवर्नमेंट द्वारा इस समयावधि में किया जा सकता है. यद्यपि कि आम जनमानस के लिए सुख में वृद्धि कारक होगा तथापि खर्च का बोझ देश को सहन करना पड़ेगा.सप्तम का कारक होकर लग्न रेट से अपनी राशि को देखना व्यापारिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक असर स्थापित करने वाला होगा. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए साझेदारिक संबंध स्थापित किए जा सकते हैं. सेना एवं सेना तंत्र पर नयी घोषणाएं की जा सकती हैं. सेना द्वारा राष्ट्रहित में सकारात्मक कार्य किया जा सकता है. स्त्रियों के लिए भी गवर्नमेंट द्वारा नयी योजनाएं लाई जा सकती हैं. इस प्रकार मंगल का वृष राशि में गोचरीय बदलाव जहाँ आर्थिक गतिविधियों के लिए लाभदायक होगा, वही खर्च के लिए भी दृष्टि से भी खर्चीला होगा. सेना द्वारा राष्ट्रहित में सकारात्मक कार्य किया जा सकता है. स्त्रियों के लिए भी गवर्नमेंट द्वारा नयी योजनाएं लाई जा सकती हैं. इस प्रकार मंगल का वृष राशि में गोचरीय बदलाव जहाँ 

मेष :- मेष लग्न वालों के लिए मंगल लग्न एवं अष्टम रेट के कारक ग्रह होकर शुभ फल प्रदायक के ग्रह के रूप में कार्य करता है. ऐसे में मंगल का द्वितीय जगह धन रेट में गोचर धन की दृष्टि से , व्यापार की दृष्टि से , पारिवारिक दृष्टिकोण से , संतान के पक्ष से, शोध अध्यापन के पक्ष से एवं भाग्य की दृष्टि से सकारात्मक फल प्रदायक होगा वाणी में तीव्रता, पेट की परेशानी तनाव उत्पन्न कर सकता है. कुंडली के मुताबिक मूंगा रत्न धारण करना लाभदायक होगा.

वृष :- वृष लग्न वालों के लिए मंगल व्यय एवं सप्तम रेट के कारक होकर लग्न रेट में गोचर करते हुए क्रोध में अचानक वृद्धि करेंगे. दांपत्य जीवन में मधुरता. प्रेम संबंधों में वृद्धि साझेदारी के कार्यों में फायदा की स्थिति परंतु स्वास्थ्य पर थोड़ा खर्च बढ़ सकता है. बड़ी यात्राओं की स्थिति भी इस अवधि में बनेगी आय से संबंधित मामलों में सकारात्मक बदलाव प्राप्त होगा. श्री हनुमान जी महाराज की आराधना श्रेष्ठ फल प्रदायक होगा.

मिथुन :- मिथुन लग्न वालों के लिए मंगल फायदा एवं रोग रेट के कारक होकर व्यय रेट में गोचर करते हुए रोग ऋण एवं दुश्मन पर विजय प्रदान करेंगे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मंगल का यह बदलाव सकारात्मक फल प्रदान करेगा व्यापारिक गतिविधियों को लेकर सुदूर यात्रा कर सकते हैं. अचानक व्यय में वृद्धि के कारण मन अशांत रहेगा. पराक्रम में वृद्धि और क्रोध में भी वृद्धि की स्थिति उत्पन्न होगी. श्री हनुमान जी की दर्शन एवं पूजा करते रहें.

कर्क :- कर्क लग्न वालों के लिए मंगल दशम एवं पंचम के कारक होकर के परम राजयोग कारक ग्रह के रूप में फायदा रेट में गोचर करेंगे रिज़ल्ट स्वरूप फायदा में वृद्धि आय में वृद्धि  धन में वृद्धि सम्मान में वृद्धि संतान पक्ष से शुभ समाचार की स्थिति उत्पन्न होगा. शोध अध्यापन से जड़े लोगो को में सकारात्मक फल प्राप्त होगा. वाणी की तीव्रता में भी वृद्धि हो सकता है. रोग,कर एवं दुश्मन पर विजय प्राप्त होगा. मूल कुंडली के मुताबिक मूंगा रत्न धारण करना लाभदायक होगा.

सिंह :- सिंह लग्न वालों के लिए मंगल भाग्य एवं सुख रेट के कारक ग्रह होकर दशम रेट में गोचर करेंगे. रिज़ल्ट स्वरूप भाग्य में वृद्धि व्यय में वृद्धि पराक्रम में वृद्धि. क्रोध में वृद्धि गृह एवं गाड़ी सुख में वृद्धि.संतान पक्ष से शुभ समाचार की स्थिति. पिता के योगदान सानिध्य में वृद्धि कार्यस्थल पर सम्मान एवं पद प्रतिष्ठा में वृद्धि की स्थिति का संयोग बनेगा. इस अवधि में क्रोध पर नियंत्रण करते हुए मूल कुंडली के मुताबिक मूंगा रत्न धारण करना श्रेष्ठ फल प्रदायक होगा.