अपने हुस्न को बरकरार रखने को रखें कुछ खास बातों का ख्‍याल

अपने हुस्न को बरकरार रखने को रखें कुछ खास बातों का ख्‍याल

बारिशों का मौसम (Rainy Season) फुहार का मौसम। ऐसा मौसम जिसमें जी भर के भीग जाने को जी चाहता है। प्‍यार (Love) करने वालों को रोमांस के नजरिये से भी यह मौसम ज्‍यादा खास लगता है।

 कम से कम शायरों व कवियों ने तो इसे प्यार का मौसम ही बोला है। मगर इस सबसे अलग इस मौसम के मद्देनजर कुछ फिक्र भी घेरे रहती हैं। यानी इस सुहाने मौसम में बीमारियां (Diseases) सिर उठाने लगती हैं, तो वहीं बारिश से पहले की उमस में स्किन (Skin) के लिए पैदा होने वाली कई दिक्कतें अलग। चिंता यह भी कि नमी के इस मौसम में घर की व घर के सामान की केयर कैसे की जाए। जिन घरों में पालतू जानवर पलते हैं, वहां इनकी स्वास्थ्य से जुड़ी देखभाल भी अहम मामला बन जाती है। मगर इस सबसे घबराने की नहीं, सूझ-बूझ से कार्य लेकर कुछ एहतियात बरतने की आवश्यकता है। ताकि आप भी बेफिक्र होकर अब के बारिश का मजा ले सकें

मानसून स्किन केयर 
बारिश के मौसम में स्किन चिपचिपी हो जाती है। ऐसे में बाहर निकल कर भीगने का मजा क्‍या खाक लिया जा सकेगा। मगर इस बार आप इस बूंदों की फुहारों में जी भर कर अपना तन-मन भिगो सकती हैं। हमें आपके हुस्न की सम्मान का अंदाजा है व इसीलिए इसे बरकरार रखने के लिए कुछ खास बातों का ख्‍याल रख कर आप स्किन से जुड़ी दिक्‍कतों से बच सकती हैं।

उमस भरे बारिश के मौसम में दिन में 3 बार अपनी स्किन को जरूर क्लीन करें। इससे चेहरे पर जमा अलावा तेल व गंदगी साफ होंगे व चेहरे के रोमछिद्रों में जमा नहीं हो सकेंगे।



चेहरे पर सनस्क्रीन का प्रयोग लगातार यानी रोज करते रहें। इसके अतिरिक्त सोप फ्री क्लींज़र का प्रयोग करें। अन्यथा स्किन ड्राई व रूखी हो सकती है। सप्‍ताह में कई बार चेहरे पर स्क्रब करें। इससे चेहरे की मृत स्कीन निकल जाएगी व आपका चेहरा निखरा-निखरा नजर आएगा। जहां तक इस मौसम में ब्लीचिंग व फेशियल करवाने का सवाल है तो इसे न कराएं तो ज्‍यादा बेहतर है।


लाइट मेकअप
बारिश में भीगने से हैवी मेकअप बेकार लगता है। इसलिए बारिश के दिनों में रोशनी मेकअप करें। इन दिनों स्किन पर इंफेक्शन होने का खतरा ज्‍यादा रहता है। इसलिए मेकअप से बची रहें तो अच्‍छा है। महत्वपूर्ण हो तो ऑर्गेनिक मेकअप प्रोडक्ट्स या वॉटर प्रूफ मेकअप का विकल्‍प चुनें। इसके अतिरिक्त अपने मेकअप प्रोडक्ट्स को ठंडी व ड्राई स्थान पर ही रखें। इससे इन तक नमी नहीं पहुंचेगी।

मानसून हेल्‍थ केयर
मानसून में बीमारियों के पनपने का खतरा रहता है। इस दौरान इम्यून सिस्टम निर्बल हो जाता है व पाचन क्रिया भी धीमी रहती है, खाना पूरी तरह नहीं पचता। इससे एसिडिटी व गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए इस मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है।

मानसून डाइट
मानसून में हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से परहेज करें। बारिश में इनमें कीड़े लगने लगते हैं। ये खाने के साथ पेट में जाकर बीमार कर सकते हैं। मसालेदार व तले हुए खाने से बचें। अपच, उबकाई आना, वॉटर रिटेंशन आदि की समस्या हो सकती है। इस मौसम में गेहूं के आटे व मैदा की स्थान जौ व चने के आटे का प्रयोग करना ज्‍यादा लाभकारी होता है।

योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है व बीमारियों से दूर रखता है।



फ्रेश फ्रूट्स डाइट में शामिल करें व अगर नॉन वेज के शौकीन हैं तो बरसात में इसे कम कर दें।
कच्ची सब्जियां व सलाद अपनी डाइट में शामिल न करें। या फिर इनको अच्छी तरह धोकर ही खाएं।

इस मौसम में एंटीसेप्टिक गुण वाले मसाले प्रतिदिन के खाने में प्रयोग करें। जैसे हल्दी, अदरक, लहसुन, हींग, काली मिर्च आदि। इसके साथ ही अपनी डाइट में प्याज की मात्रा को भी बढ़ा दें।

नियमित रूप से योग करें। योग के जरिये आप शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

मानसून होम केयर 
झूमती काली घटाओं से गिर कर मचलती बूंदों की फुहारें सभी को अच्छी लगती हैं। मगर इस मौसम हमारी ही तरह घर को भी पूरी देखभाल की आवश्यकता होती है। ताकि घर में बीमारियां न पनप पाएं। आइये इस मानसून में होम केयर के सरल टिप्स जानें व बेफिक्र होकर बारिश का मजा लें।

बरसात में घर की सफाई के अतिरिक्त टॉयलेट-बाथरूम व किचन की सफाई का खास ख्‍याल रखें। क्योंकि ज्‍यादातर इन्‍हीं जगहों पर गंदगी होने से बैक्‍टीरिया पनपने लगते हैं व बीमारियां अपने पांव पसारने लगती हैं। फर्श की सफ़ाई के लिए फिनाइल या एंटीसेप्टिक क्लीनर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

मॉनसून में घरों को सीलन की बदबू से बचाने के लिए लौंग व दालचीनी का इस्‍तेमाल करें। इसके लिए करीब आधे घंटे तक पानी में लौंग व दालचीनी को भिगोकर रखने के बाद इसे उबाल लें व फिर इस पानी को रूम फ्रेशनर की तरह प्रयोग कर सकते हैं।

फर्नीचर की देखभाल
बारिश का मौसम शुरु होने से पहले ही घर के फर्नीचर को खिड़कियों के पास से हटा लें। इस मौसम में सोफे व कुर्सियों को साफ करने के लिए सूखे कपड़े का इस्‍तेमाल करें।



मानसून में पेट केयर
मानसून के आने से गर्मी से थोड़ी राहत भले ही मिल जाए मगर इस मौसम में आपके घर के प्‍यारे मेम्‍बर यानी आपके (Pet) को देखभाल की ज्‍यादा आवश्यकता होती है, क्‍योंकि इस मौसम में इन्फेक्शन होने का खतरा ज्‍यादा रहता है। मगर कुछ एहतियात अपना कर आप अपने पालतू जानवर को फिट रख सकते हैं, ताकि बारिश में उसे किसी जिस्‍मानी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।



बारिश का मौसम में खासतौर पर अपने पैट को ज्यादा देर तक गीला न रहने दें। उसे बरसात के पानी से पूरी तरह दूर ही रखें। अगर भीग जाए तो उसे ज्‍यादा देर तक गीला न रहने दें।

अपने पालतू जानवरों को बाहर घुमाना उनकी स्वास्थ्य के लिए अच्‍छा है, मगर बरसात के मौसम में उन्‍हें बाहर ले जाने से बचें। दरअसल, बारिश में घर के बाहर कीचड़ होने में फंगस व कीड़े-मकोड़े ज्‍यादा होते हैं, जो नुक्‍सान पहुंचा सकते हैं। बचाव के मद्देनजर अपने पैट को एंटी-फंगल शैंपू से नहलाएं।

बरसात में बिस्तर में नमी रहती है। इसलिए उनके बिस्‍तर को धूप से या फिर हीटर की गर्मी देकर जरूर सुखाएं। इससे वे बीमारी से बचे रहेंगे। साथ ही यह भी देखते रहें कि उसे स्किन से संबंधित कोई संक्रमण जैसे फंगल, खुजली या फिर बैक्टीरियल इनफेक्शन तो नहीं है।