अगर झड़ रहे है आपके बच्चो के बाल तो जाने यह खास तरिके

अगर झड़ रहे है आपके बच्चो के बाल तो जाने यह खास तरिके

बालों का झड़ना हर किसी के लिए समस्या होता है। चाहे वह लड़का हो या लड़की। आजकल का प्रदूषण भरा माहौल सबसे ज्यादा हमारी स्कीन (Skin) व बालों (Hair) को नुकसान पहुंचाता है। 

इसके अतिरिक्त दूषित जल पीने व नहाने से भी यह समस्या बढ़ती है। वयस्क इस समस्या का अधिकांश सामना करते हैं। लेकिन कम आयु में बच्चे का बाल झड़ना उनके पैरेंट्स (Parents) के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि दो-तीन सालों तक हर महीने एक आदमी के बाल लगभग एक सेंटीमीटर बढ़ते हैं, उसके बाद वे विश्राम की अवस्था में आ जाते हैं। विश्राम की अवस्था में आने के बाद, बाल गिरने लगते हैं ताकि नए बाल उग सकें। ऐसे में बच्चों के 50 से 100 बाल हर दिन गिर जाते हैं। हां, जब इससे भी अधिक बाल गिरें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसा होने पर आपको चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए।

बाल झड़ने के कारण
फैशन व स्टाइल के लिए टीनएजर्स बाल रंगते हैं। बालों को रंगना, ब्लीच करना या सीधे व घुंघराले करना भी बालों के झड़ने का कारण होने कि सम्भावना है। हेयर ड्रायर के इस्तेमाल से भी बच्चे के बालों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही साफ-सफाई व ऑयल नहीं लगाने से भी बाल निर्बल होकर झड़ने लगते हैं।
बच्चों में एक अलोपेसिया (Alopecia) बीमारी हो सकती है, जिसके कारण बाल झड़ते हैं। इसका समय पर उपाचर कराना महत्वपूर्ण है अन्यथा बाल दोबारा पैदा नहीं होते। टेलोजन एफ्लूवीअम (Telogen effluvium) होने से भी बच्चों के बाल झड़ने लगते हैं। कई बार आकस्मित किसी सदमे, आघात, भावनात्मक परेशानियों, तेज बुखार से भी बच्चों के बाल झड़ने लगते हैं। हालांकि, बालों की पुटिकाएं लचीली होती हैं, पर जब टेलोजन एफ्लूवीअम आक्रमण करता है तो बालों के दोबारा पैदा करने की फॉलिकल्स की योग्यता पर स्थायी रूप से प्रभाव पड़ता है।

बच्चों में आंशिक रूप से बालों के झड़ने की अवस्था को त्रिकोटिलोमेनिया कहते हैं। इस अवस्था में बाल असमान रूप से झड़ते हैं व गंभीर मामलों में यह अवस्था भौहों पर भी प्रभाव कर सकती है। ऐसा तब होता है, जब बच्चे में किसी घबराहट, भय के कारण अपने ही बाल नोचने की उत्तेजना पैदा होती है।

बच्चों के बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपचार

1. भृंगराज तेल: भृंगराज ऑयल में उपस्थित मेथनॉल नामक पोषक तत्व बालों के विकास को सरल बनाने में मदद कर सकता है। इसके ऑयल से नियमित मालिश स्कैल्प के रक्त संचार में मदद कर सकती है। यह तत्व बालों की जड़ तक जाता है व बालों को मजबूत करने के साथ ही बालों को झड़ने से भी रोकता है।

2. आंवला: इसमें विटामिन-सी के साथ-साथ क्वेरसेटिन जैसे कई पॉलीफेनोलिक यौगिक होते हैं। इन पोषक तत्वों से भरपूर आंवला बालों को मजबूती प्रदान के करने के साथ ही उनके विकास में मदद करता है। इसके अलावा, यह बालों को सफेद होने व झड़ने से रोकता है।

3.प्याज का रस: प्याज के रस का उपयोग कर आप न सिर्फ बालों के विकास को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें टूटने से रोकते भी हैं। इसमें क्वेरसेटिन (quercetin) नाम का घटक पाया जाता है, जो बालों के विकास के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होने कि सम्भावना है।

4.बादाम का तेल: बादाम से आप बालों को झड़ने से रोक सकते हैं। बादाम का ऑयल विटामिन-डी व ई के साथ-साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम व आयरन से भरपूर होता है। बादाम के ऑयल में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व आपके बालों को झड़ने से बचाने के साथ ही उनके विकास में मदद कर सकते हैं।

5. नारियल का तेल: नारियल का ऑयल हर घर में सरलता से मिल जाता है। इससे सिर की मसाज करने से बालों को झड़ने से रोकने के साथ ही स्कैल्प के संक्रमण को दूर करने में भी मदद मिल सकती है।