अक्सर कब्ज की समस्या रहती हैं तो हो जाए सावधान, पढ़े

अक्सर कब्ज की समस्या रहती हैं तो हो जाए सावधान, पढ़े

कब्ज एक छोटा-सा शब्द है लेकिन जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है, वो बेहतर ढंग से जानते हैं कि यह किस तरह आपकी जीवन डिस्टर्ब करती है.

 पेट साफ न होने से शारीरिक परेशानियों के साथ कई स्किन प्रॉब्लम्स भी हो जाती हैं. ऐसे में आपको अपना ख्याल रखने के लिए अपनी कुछ आदतों में सुधार करना चाहिए. कुछ ऐसी आदते होती हैं जिसकी वजह से आपको कब्ज की कठिनाई होती रहती है. कब्ज की बात करें, तो आम कब्ज से लेकर गंभीर तरह की कब्ज की बीमारी इसमें शामिल है। जैसे कभी-कभार होने वाला कब्ज, क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन (कब्ज बेहद बढ़ जाने पर), यात्रा या आयु से संबंधित कब्ज. कब्ज में हमारी आंतें मल को छोड़ नहीं पातीं. कब्ज होने के आम कारण हैं- 

खानपान
खानपान में किसी भी तरह का परिवर्तन कब्ज का कारण बन सकता है, जैसे आकस्मित बेहद तैलीय खाना खाने या वजन घटाने के लिए खाने पर नियंत्रण करने की वजह से भी कब्ज हो जाता है. इसके अलावा यदि आप बेहद वसायुक्त चीजें पसंद करते हैं या शराब व कॉफी पीते हैं तो भी कब्ज के शिकार हो सकते हैं.

कम पानी पीना 
कुछ लोग बहुत कम पानी पीते हैं. ऐसे लोग मानते हैं कि दिन में दो गिलास पानी पी लें तो भी उनका कार्य चल जाएगा, लेकिन इससे हमारे पाचन तंत्र व शरीर की जरूरतें पूरी नहीं होतीं.

व्यायाम
क्या आप प्रतिदिन एक्सरसाइज़ करते हैं? प्रतिदिन न सही, हफ्ते में चार दिन तो करते होंगे. नहीं? पाचन तंत्र के बिगड़ने या कब्ज होने की यह सबसे बड़ी वजह है. शारीरिक व्यायाम के अभाव में हमारा मेटाबॉलिज्म बेकार हो जाता है. मेटाबॉलिज्म के निर्बल पड़ते ही हमारी पाचन क्रिया गड़बड़ हो जाती है.

दवाएं
कुछ दवाओं के सेवन से भी कब्जियत हो जाती है. ज्यादातर मुद्दे पेन किलर्स की वजह से देखने को मिले हैं. कुछ विटामिन व आयरन की खुराक से भी यह समस्या हो जाती है. ऐसे में चिकित्सक से राय लेकर आप इन दवाओं के साथ स्टूल सॉफ्टनर दवाएं ले सकते हैं.

यह है उपचार 
नीबू पानी
नीबू हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. अगर कभी कब्ज हो जाए तो एक गिलास गर्म पानी में एक नीबू का रस व शहद मिलाएं व पी लें.

दूध व दही
कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए पेट में अच्छे बैक्टीरिया का भी होना महत्वपूर्ण है. सादे दही से आपको प्रोबायोटिक मिलेगा, इसलिए आप दिन में एक से दो कप दही जरूर खायें. इसके अतिरिक्त यदि बहुत परेशान हैं तो एक गिलास दूध में एक से दो चम्मच घी मिला कर रात को सोते समय पिएं, फायदा होगा.

आयुर्वेद 
सोने से पहले दो या तीन त्रिफला टैबलेट गर्म पानी के साथ लें. त्रिफला हरड़, बहेड़ा व आंवले से बना होता है. ये तीनों पेट के लिए फायदेमंद हैं. त्रिफला रात में अपना कार्य प्रारम्भ कर देता है.

खाने में फाइबर
एक दिन में एक महिला को औसतन 25 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, वहीं एक पुरुष को 30 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है. अपने पाचन तंत्र को दोबारा ट्रैक पर लाने के लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप हर दिन अपनी आवश्यकता के अनुसार फाइबर की खुराक ले रहे हैं.