व्हाइट हाउस: ‘हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी’ द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प के विरूद्ध...

व्हाइट हाउस:  ‘हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी’ द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प के विरूद्ध...

व्हाइट हाउस ने बोला है कि ‘हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी’ द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प के विरूद्ध महाभियोग की सुनवाई का पहला दिन अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए अच्छा व डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों के लिए बेकार रहा. व्हाइट हाउस ने महाभियोग सुनवाई के पहले दिन के अंत में बुधवार (5दिसंबर) को कहा, ‘‘आज का दिन राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए अच्छा व डेमोक्रेट के लिए बेकार रहा.’’

इस सुनवाई में ट्रम्प के विरूद्ध आरोप तय किए जाएंगे. सुनवाई के दौरान स्टैनफोर्ड लॉ कॉलेज की प्रोफेसर पामेला एस कार्लन ने ट्रम्प के 13 वर्षीय बेटे बैरन का नाम लिया जिसकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने कड़ी आलोचना की. इसे लेकर कार्लन ने बाद में माफी मांगी.

चार में से तीन कानूनी विशेषज्ञों ने बुधवार को सांसदों को बताया कि यूक्रेन से ट्रम्प की वार्ता उनके ऑफिस द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाती है व यह महाभियोग चलाए जाने योग्य है. रिपब्लिकन पार्टी द्वारा आमंत्रित चौथे कानूनी विशेषज्ञ ने पैनल के अन्य डेमोक्रेटिक समर्थक सदस्यों की दलील का विरोध करते हुए बोला कि ट्रम्प ने कुछ गलत नहीं किया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने कहा, ‘‘(हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी) अध्यक्ष (जेरोल्डा) नाडलर के समक्ष सुनवाई में तीनों लिबरल प्रोफेसरों ने केवल यह बात स्थापित की कि वे राष्ट्रपति के विरूद्ध सियासी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया के तहत सुनवाई के बावजूद इस तथ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा कि राष्ट्रपति ने कुछ गलत नहीं किया. कांग्रेस पार्टी को वापस अमेरिकी लोगों के लिए कार्य करना प्रारम्भ करना चाहिए.’’ ग्रिशम ने बोला कि अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौता व बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे अध्यक्ष पेलोसी की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. इसके बावजूद प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेटिक मेम्बर इस प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करके अपने निर्वाचन क्षेत्रों को नजरअंदाज कर रहे हैं. प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक सदस्यों का बहुमत है जहां ट्रम्प के विरूद्ध महाभियोग का प्रस्ताव पारित किए जाने की आसार है लेकिन सीनेट में ऐसा होने की आसार नहीं है क्योंकि वहां रिपब्लिकन सदस्यों का बहुमत है.

कार्लन ने कांग्रेस पार्टी की मेम्बर शीला जैक्सन ली के एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘राजा कुछ गलत नहीं कर सकता क्योंकि राजा के शब्द ही कानून होते हैं व राष्ट्रपति ट्रम्प ने जो बोला था, उसके उल्टा अनुच्छेद दो उन्हें वह सब करने का अधिकार नहीं देता है जो वह करना चाहते हैं.’’ कार्लन ने कहा, ‘‘मैं आपको एक उदाहरण दूंगी जो आपको ट्रम्प व राजा के बीच के अंतर को बताएगा. संविधान के अनुसार अभिजात्य वर्ग के लोगों को कोई खिताब नहीं दिया जाएगा. राष्ट्रपति अपने बेटो को बैरन पुकार सकते हैं लेकिन वह उसे बैरन (नवाब) नहीं बना सकते.’’ कार्लन की इस टिप्पणी की मेलानिया ट्रम्प, ग्रिशम व कांग्रेस पार्टी की रिपब्लिकन मेम्बर मैट गाएत्ज समेत कई लोगों ने आलोचना की.