उच्च सदन की मंजूरी से पहले प्रस्ताव पर संशोधन का सुझाव देने के लिए सांसदों के पास इतने दिन का समय

उच्च सदन की मंजूरी से पहले प्रस्ताव पर संशोधन का सुझाव देने के लिए सांसदों के पास इतने दिन का समय

भारत के मित्र मुल्क रूस की संसद के निचले सदन ड्यूमा ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक सुधारों को मंजूरी दे दी है। निचले सदन में गुरुवार को हुए मतदान में 450 में से 432 सांसदों ने इनका समर्थन किया। अब उच्च सदन की मंजूरी से पहले प्रस्ताव पर संशोधन का सुझाव देने के लिए सांसदों के पास 15 दिन का समय है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार व्यापक संवैधानिक सुधारों की पुतिन की पेशकश के बाद पीएम दिमित्री मेदवेदेव व उनकी कैबिनेट ने त्याग पत्र दे दिया था। संविधान में परिवर्तन के प्रस्तावों पर देश में जनमत संग्रह कराया जाएगा। नए परिवर्तन के बाद सत्ता की चाबी राष्ट्रपति के बजाय संसद के पास होगी।

इस मुद्दे को लेकर अपने बयान में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी के सर्गेई नेवरोव ने शुक्रवार को कहा, हमने सभी सांसदों से आह्वान किया था कि वे हमारे राष्ट्रीय नेता पुतिन द्वारा प्रस्तावित संविधान के जरूरी परिवर्तनों का समर्थन करें। सभी सांसदों ने ऐसा किया व वह भी सिर्फ दो घंटे में. विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। ड्यूमा में यूनाइटेड रशिया पार्टी व अति राष्ट्रवादी सोशल डेमोक्रेट्स का ही अगुवाई है। एक दशक से अधिक समय से रूस की संसद में किसी उदार या कट्टरपंथी पार्टी का अगुवाई नहीं है।