चाइना में उइगर मुस्लिमों पर दिखाई गई सकती

चाइना में उइगर मुस्लिमों पर दिखाई गई सकती

उइगर मुस्लिमों पर उत्पीड़न के लिए कुख्यात चाइना में सिर्फ दाढ़ी रखने व हिजाब पहनने जैसी वजहों से कैद किए जाने के मुद्दे भी सामने आए हैं. यहां तक कि कुछ पारंपरिक कार्य करने पर भी उनके साथ सख्ती दिखाई जा रही है.

दशकों तक उइगर मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेता रहे इमाम मेमतिमिन एमर को शिनजियांग प्रांत में ही एक डिटेंशन कैंप में रखा गया है. इसके अतिरिक्त उनके तीन बेटों को भी तीन वर्ष से कैद कर रखा गया है.

हर शुक्रवार को लोगों को नमाज कराने वाले व इस्लाम का संदेश देने वाले इमाम रविवार को लोगों को मुफ्त में हर्बल दवाईयां देते थे. सर्दियां होती तो गरीबों को मुफ्त में कोयला खरीदकर देते थे ताकि ठंड न लगे. लेकिन अपने मजहब के पालन को लेकर वह कैद में डाल दिए गए हैं.

न्यूज एजेंसी एपी ने एक डेटाबेस के हवाले से 311 ऐसे लोगों के हिरासत में होने की बात कही है. इस डेटाबेस में कैद किए गए लोगों के विदेशों में रहे रहे रिश्तेदारों, उन्हें हिरासत में लिए जाने की वजह व धार्मिक बैकग्राउंड समेत तमाम जानकारियां दर्ज की गई हैं. हालांकि चाइना में किस एजेंसी ने इस डेटाबेस को तैयार किया है, इसका उल्लेख नहीं है.

नमाज पढ़ने, मस्जिद जाने को भी अपराध मान रहा चीन: इस डेटाबेस में साफ किया गया है कि कैद में रखे गए उइगर मुस्लिमों पर सख्ती की वजह सिर्फ सियासी ही नहीं है बल्कि दाढ़ी रखने, मस्जिद में जाने, हिजाब पहनने व नमाज करने जैसे कारण भी हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चाइना में किस प्रकार से अल्पसंख्यक उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार किया जा रहा है. चाइना ने यातनागृह जैसे इन डिटेंशन सेंटरों को ट्रेनिंग सेंटर नाम दिया है.

कश्मीर पर बोलने वाला पाक, चाइना पर चुप: बताते चलें कि चाइना में उइगर मुस्लिमों पर सख्ती को लेकर अमेरिका व अन्य पश्चिमी राष्ट्रों समेत संयुक्त देश तक असहमति जता चुके हैं. हालांकि हिंदुस्तान में कश्मीर व अन्य हिस्सों में रहने वाले मुस्लिमों को लेकर टिप्पणी करने वाला पाक कम्युनिस्ट शासन वाले चाइना को लेकर चुप ही रहता है. वहां मुस्लिमों के अत्याचार पर बोलने को लेकर खुद अपने ही देश की समस्याओं में घिरा होने का तर्क देकर इमरान बीते वर्ष अमेरिका में फंस गए थे.