सऊदी अरब देश दुनिया मंच पर वापसी की तैयारी कर रहा, उदारीकरण की प्रक्रिया को देगा बढ़ावा

 सऊदी अरब देश दुनिया मंच पर वापसी की तैयारी कर रहा,  उदारीकरण की प्रक्रिया को देगा बढ़ावा

हाल ही में सऊदी अरब ने बीते रविवार (1 दिसंबर) को अरब जगत का पहला देश बना जो जी-20 की अध्यक्षता करेगा। मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को लेकर वैश्विक स्तर पर आलोचना का सामना करने के बाद यह देश दुनिया मंच पर वापसी की तैयारी कर रहा है। ऑयल से समृद्ध देश ने उदारीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया है जिसमें स्त्रियों को ज्यादा अधिकार देना भी शामिल है। लेकिन असहमति को दबाने व पिछले साल पत्रकार जमाल खशोगी की मर्डर को लेकर इसे कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जी-20 की अध्यक्षता सऊदी अरब को जापान से मिल रही है जो अगले साल 21-22 नवम्बर को अपनी राजधानी में वैश्विक शिखर सम्मेलन में दुनिया के बड़े नेताओं की मेजबानी करेगा। आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने कहा, ''सऊदी अरब ने आज जी-20 की अध्यक्षता हासिल की। 2020 में रियाद में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। "

वहीं एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हम आपको बता देंएसपीएने बोला कि सऊदी के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, ''सऊदी अरब जी-20 की अध्यक्षता में ओसाका के काम को आगे बढ़ाएगा व बहुस्तरीय सम्मति को बढ़ावा देगा। " जंहाउन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहमति को आकार देने के इस ''अद्वितीय अवसर" की प्रशंसा की। वहीं एजेंसी ने बोला कि सऊदी अरब शिखर सम्मेलन से पहले 100 से अधिक कार्यक्रमों एवं सम्मेलनों का आयोजन करेगा जिसमें मंत्री स्तरीय मीटिंग भी शामिल है।