आतंक के विरूद्ध लड़ाई लड़ने को लेकर अमरीका ने की यह बड़ी घोषणा, जाने

आतंक के विरूद्ध लड़ाई लड़ने को लेकर अमरीका ने की यह बड़ी घोषणा, जाने

मध्य पूर्वी देश लेबनान में आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह के आतंक के विरूद्ध लड़ाई लड़ने को लेकर अमरीका ने एक बड़ी घोषणा की है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान को एक अरब डॉलर की सैन्य सहायात दी है. हालांकि इससे पहले इस सहायता को बिना किसी कारण बताए रोक दिया गया था.

अमरीकी कांग्रेस पार्टी के एक मेम्बर ने सोमवार को बताया कि व्हाइट हाउस के प्रबंधन व बजट ऑफिस ने लेबनान पर लगे वित्तीय सहायत पर से रोक हटा ली है.

ट्रंप सरकार लेबनान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर रोक लगाने को लेकर पहले कुछ भी बोलने से हिचकती रही है. लेकिन इस बीच लेबनान सरकार पर ईरान के नजदीकी शिया आतंकी आंदोलन हिजबुल्ला से दूरी बनाने को लेकर जोर देता रहा है.

साद हरीरी ने पीएम पद से दिया इस्तीफा

आपको बता दें कि लेबनान में हाल के दिनों में बहुत ज्यादा सियासी घमासान चल रहा है. अपने मंत्रिमंडल में हिजबुल्ला सदस्यों को शामिल करने वाले लेबनान के पीएम साद हरीरी के विरूद्ध सारे देश में विरोध-प्रदर्शन प्रारम्भ हो गया. लिहाजा भारी विरोध को देखते हुए एक महीने पहले हरीरी को अपने पद से त्याग पत्र देना पड़ा.

हालांकि लेबनान के साद अल हरीरी के पीएम पद से त्याग पत्र देने के बाद भी देश का माहौल शांत नहीं हुआ है. प्रदर्शनकारी व अधिक व्यापक परिवर्तन की मांग कर रहे हैं.

 

17 अक्टूबर से लेबनान की पॉलिटिक्स में व्यापक करप्शन को लेकर लोग सड़क पर उतर आए थे. 15 वर्ष तक गृहयुद्ध झेल चुके लेबनान पहली बार इतनी बेकार आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है. 1975-90 तक लेबनान गृहयुद्ध की चपेट में था. पिछले डेढ़ महीने से लेबनान में जनता देश के सियासी परिवारों के विरूद्ध बेहद गुस्से में है.

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अमरीका ने हिज्बुल्लाह की वजह से लेबनान पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने प्रारम्भ कर दिए हैं. माना जा रहा है कि यदि हिजबुल्लाह अमरीका के विरूद्ध लड़ने का निर्णय लेता है तो लेबनान की हालत भी वेनेजुएला जैसी हो सकती है.