यूरोपीय यूनियन ने क्‍लीयर किया स्‍टैंड, ताकत से सत्ता हथियाने पर तालिबान को मान्यता नहीं देगा

यूरोपीय यूनियन ने क्‍लीयर किया स्‍टैंड, ताकत से सत्ता हथियाने पर तालिबान को मान्यता नहीं देगा

एएनआइ के अनुसार यूरोपीय यूनियन (ईयू) के अफगानिस्तान में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थामस निकोलसन ने अफगान टाइम्स को बताया कि ताकत और हिंसा के बल पर यदि तालिबान सत्ता पर काबिज हुआ तो ईयू व अन्य देश उसे मान्यता नहीं देंगे।

गनी ने देश की बिगड़ती स्थिति के लिए अमेरिकी सेना की वापसी को ठहराया दोषी

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यहां 38 आतंकी मारे गए। घटना उस समय हुई, जब तालिबान आतंकी जेल में घुसने का प्रयास कर रहे थे। इधर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश की बिगड़ती स्थिति के लिए अमेरिकी सेना की अचानक वापसी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की छह महीने में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने की योजना थी। अमेरिका के निर्णय से इस योजना पर ठीक से अमल नहीं हो सका। गनी ने संसद में दिए भाषण में ये बातें कहीं।

कंधार में संघर्ष के दौरान मोर्टार हमले में पांच नागरिकों की मौ

यहां गुजारा और करोख जिलों पर नियंत्रण को लेकर कई दिन से लड़ाई चल रही है। सैकड़ों परिवार हिंसा से बचने के लिए यहां से पलायन कर गए हैं। कंधार में संघर्ष के दौरान मोर्टार हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई। हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह में घुसने के लिए तालिबान पूरा दबाव बनाए हुए है। यहां पुलिस मुख्यालय और गवर्नर कार्यालय के पास सेना और तालिबान के बीच गोलीबारी चल रही है। सूत्रों ने बताया कि इस शहर में कई हिस्से तालिबान के कब्जे में आ गए हैं।


हेरात और लश्कर गाह में कब्जे को लेकर भीषण लड़ाई

अफगानिस्तान में हेरात, लश्कर गाह और कंधार सहित कई प्रांतीय राजधानियों पर कब्जे को लेकर तालिबान और अफगान सेना के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। हेरात में तालिबान आतंकियों को रोकने के लिए काबुल से अतिरिक्त सेना भेजी गई है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हेरात शहर में चार दिन से तालिबान लगातार गोलीबारी कर रहा है। वहां अब काबुल से सेना भेजी गई है। सेना के साथ उप गृह मंत्री अब्दुल रहमान रहमान भी हैं। हेरात के पास मालन ब्रिज पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। हेरात के पश्चिमी क्षेत्र में भी जबर्दस्त संघर्ष चल रहा है।


एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

पिछले डेढ़ साल से भी अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी ने हमारे जीवन को प्रभावित कर दिया है। पढ़ाई से लेकर कामकाज, व्यापार से लेकर नौकरी तक सभी को कोरोना ने गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में सभी लोगों के मन में बस एक सवाल है, आखिर कोरोना महामारी कब खत्म होगी? इसको लेकर दुनिया के एक दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने बड़ा दावा किया है। माडर्ना वैक्सीन के निर्माण (एमआरएनए.ओ) और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बंसेल का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी एक साल में खत्म हो सकती है।

उन्होंने स्विस अखबार नीयू ज़ुएर्चर ज़ितुंग को बताया कि वैक्सीन उत्पादन में वृद्धि से टीके के वैश्विक आपूर्ति में तेजी होगी। इसका मतलब हुआ कि वैक्सीन दुनिया के सभी कोनों तक तेजी से पहुंच सकेगी। उन्होंने एक इंटरव्यू में अखबार को बताया कि यदि आप पिछले छह महीनों में वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को देखते हैं, तो अगले साल के मध्य तक पर्याप्त डोज उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे इस धरती पर मौजूद सभी इंसानों को टीका लगाया जा सके। इतना ही नहीं, जिन्हें बूस्टर डोज की जरूरत है उन्हें भी वैक्सीन लग सकेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिशुओं के लिए भी कोरोना का टीकाकरण उपलब्ध होगा।


इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि जो लोग वैक्सीन नहीं ले रहे हैं वे स्वाभाविक रूप से खुद को प्रतिरक्षित करेंगे क्योंकि डेल्टा वैरिएंट इतना संक्रामक है। इस तरह हम फ्लू जैसी स्थिति में समाप्त हो जाएंगे। आप या तो टीका लगवा सकते हैं और वायरस से संक्रमित होकर प्रतिरक्षा पा सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब हुआ कि अगले साल की दूसरी छमाही में हम सामान्य स्थिति में लौट सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आज के जैसे हालात रहे तो एक साल में मुझे लगता है कि कोरोना महामारी खत्म हो सकती है।