47 दिन की यात्रा के बाद 7 सितंबर को लैंड नहीं हो पाया था विक्रम लैंडर

47 दिन की यात्रा के बाद 7 सितंबर को लैंड नहीं हो पाया था विक्रम लैंडर

चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट आई है. दरअसल, अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानि कि नासा ने विक्रम लैंडर की फोटोज़ जारी की हैं. नासा ने जो फोटोज़ जारी की हैं, वो विक्रम लैंडर के मलबे की हैं. नासा ने ट्वीट कर एक तस्वीर जारी की है, जिसमें ये दावा किया गया है कि चांद पर विक्रम लैंडर का मलबा अमरीकी वैज्ञानिकों ने खोज निकाला है. नासा ने ये जानकारी बीती रात करीब 1:30 बजे के करीब दी.

तीन टुकड़ों में मिला विक्रम लैंडर

नासा ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि उसको लूनर रिकनैसैंस ऑर्बिटर (LRO) ने चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को ढूढ़ लिया है. नासा ने जो फोटोज़ जारी की है, उसमें विक्रम लैंडर के तीन टुकड़े नजर आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, विक्रम लैंडर का मलबा उसके क्रैश साइट से 750 मीटर दूर मिला है. मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2x2 पिक्सल के हैं.

क्रैश वाली स्थान पर मिट्टी को भी पहुंचा है नुकसान

नासा के मुताबिक, विक्रम लैंडर की ये तस्वीर करीब एक किलोमीटर की दूरी से ली गई है. इस तस्वीर में सॉइल इम्पैक्ट भी देखा गया है, तस्वीर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि चांद की सतह पर जहां विक्रम लैंडर गिरा वहां सॉइल डिसटर्बेंस (मिट्टी को नुकसान) भी हुआ है.

47 दिन की यात्रा के बाद 7 सितंबर को लैंड नहीं हो पाया था विक्रम लैंडर

आपको बता दें कि बीते 7 सितंबर को चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर की चांद पर लैंडिंग होनी थी, लेकिन तय समय से थोड़ी देर पहले विक्रम का सम्पर्क टूट गया था. इससे पहले, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख के सिवन ने 9 सितंबर को बोला था कि इसरो को चांद पर विक्रम लैंडर से जुड़ी फोटोज़ मिली हैं. 47 दिनों की यात्रा के बाद 7 सितंबर को जब चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर था तब इसरो से उसका सम्पर्क टूट गया था.