27 नवंबर को लिखे लेटर में मोदी ने इजरायली अभिवादन 'शालोम' के साथ की आरंभ

27 नवंबर को लिखे लेटर में मोदी ने इजरायली अभिवादन 'शालोम' के साथ की आरंभ

 मुंबई पर 26/11 के आतंकी हमलों के 11 वर्ष पूरा होने के एक दिन बाद पीएम ने इस हमले में बचे सबसे कम आयु के बच्चे के लिए एक भावुक लेटर लिखा है। मुंबई में 11 साल पहले हुए आतंकवादी हमलों में 166 लोग मारे गए थे जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इन हमलों में इजरायल के एक बच्चे मोशे तजवी होल्त्जबर्ग की जान बच गई थी, जिसके लिए मोदी ने भावुकता से भरा एक लेटर लिखा है।

मोशे दो वर्ष का ही था, जब उसके माता-पिता को पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा नरीमन हाउस में गोली मार दी गई थी। इस अंधाधुंध गोलीबारी के बीच मोशे की नैनी सैंड्रा सेमुअल्स ने उसकी जान बचा ली थी।

बच्चे को बचाती सैंड्रा की तस्वीर उस समय संसार भर में छा गई थी व हर किसी ने बच्चे की जान बचाने के लिए उसकी तारीफ भी की थी।

27 नवंबर को लिखे लेटर में मोदी ने इजरायली अभिवादन 'शालोम' के साथ आरंभ की। इसके बाद उन्होंने नमस्ते कहा।

मोशे को लिखे लेटर में मोदी ने कहा, "आप जरूरी परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं व अपने ज़िंदगी यात्रा में एक जरूरी मील का पत्थर पार कर रहे हैं। सैंड्रा के साहस व हिंदुस्तान के लोगों की प्रार्थना आपको लंबे स्वस्थ व पास ज़िंदगी के लिए आशीर्वाद देती रहेगी। " उन्होंने लिखा, "आपकी कहानी हर किसी को प्रेरित करती है। यह एक करिश्मा ही था। "

2017 में इजरायल की अपनी यात्रा के दौरान मोदी ने मोशे से मुलाकात की थी, जो अब किशोरावस्था में पहुंच चुका है।