मानवाधिकार कार्यकर्ता व कानूनी विशेषज्ञ जू झियोंग हुए अरैस्ट 

 मानवाधिकार कार्यकर्ता व कानूनी विशेषज्ञ जू झियोंग हुए अरैस्ट 

लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के कहर के आगे आज के समय में हर कोई पराजय गया है। वहीं चाइना के जाने माने मानवाधिकार कार्यकर्ता व कानूनी विशेषज्ञ जू झियोंग को अरैस्ट कर लिया गया है। 

जंहा उन्होंने 4 फरवरी 2020 को एक वेबसाइट पर प्रकाशित आर्टिक्ल में हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों व कोरोना वायरस को लेकर राष्ट्रपति शी चिनफिंग के इस्तीफे की मांग की थी। वहीं झियोंग के दोस्त व मानवाधिकार कार्यकर्ता हुआ जे ने सोमवार को बताया कि उन्होंने गत दिसंबर में मानवाधिकार पर केंद्रित एक मीटिंग में भाग लिया था। दक्षिणी चाइना के जियामेन शहर में हुई इस मीटिंग के बाद से वह छुपकर रह रहे थे। मीटिंग में शामिल होने वाले चार अन्य लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका है।

शनिवार रात हुई गिरफ्तारी: मिली जानकारी के अनुसार बीजिंग की पुलिस ने शनिवार रात झियोंग को अरैस्ट किया। अमेरिका आधारित ह्यूमन राइट्स वाच चाइना की शोधकर्ता याकीउ वांग ने बताया कि शनिवार से झियोंग की गर्लफ्रेंड से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है। वह भी बीजिंग में ही थीं।

सरकार की आलोचना करते हुए कई लेख: वहीं यह भी बोला जा रहा है कि 2012 में न्यू सिटीजन मूवमेंट नाम से संगठन बनाने वाले झियोंग ने सरकारी अधिकारियों से अपनी संपत्ति उजागर करने की मांग की थी। इसके लिए उन्हें साल 2014 में चार वर्ष कारागार की सजा सुनाई गई थी। हालिया हफ्तों में उन्होंने ऐसे कई आर्टिक्ल लिखे, जिसमें कोरोना वायरस से निपटने को लेकर सरकार की आलोचना की गई थी।

चीन में 70 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित: जंहा अब तक चाइना में कोरोना वायरस के कारण 1,770 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि 70 लजार से ज्यादा लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हैं।