अमेरिका चाइना के अंदरूनी मामलों में दखल देने की कर रहा कोशिश, जानें कैसे

अमेरिका चाइना के अंदरूनी मामलों में दखल देने की कर रहा कोशिश, जानें कैसे

चाइना का बोलना है कि चाइना के मामलों में हस्तक्षेप कर अमेरिका चाइना के अंदरूनी मामलों में दखल देने का कोशिश कर रहा है। चाइना ने बोला कि अमेरिका चाइना को चुनौती देना चाहता है। 

कुछ राष्ट्रों की शख़्सियतों ने बोला है कि अमेरिका तथाकथित हांगकांग के मानवाधिकार व लोकतंत्र बिल लाकर मानवाधिकार व लोकतंत्र के बहाने से चाइना के आंतरिक मुद्दे में दखल कर चाइना के विकास को काबू करना चाहता है।

यह चीनी जनता के प्रति गंभीर उकसावे वाली करतूत है, जिससे अमेरिका के प्रभुत्व का मूल स्वरूप दिखाई देता है। फ्रांसीसी लेखक माक्सिम विवास ने बोला कि यह स्पष्ट है कि अमेरिका चाइना के भीतरी मुद्दे में दखलंदाजी कर रहा है। इस पर फिर जोर देने की आवश्यकता है कि हांगकांग चाइना का है। जर्मनी के हेसन प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे के पूर्व डायरेक्टर चिकित्सक मिचेल बोर्चेमन ने बताया है कि हांगकांग से संबंधित बिल उद्दंडतापूर्ण व पाखंडी है। अमेरिका को दूसरे देश के मुद्दे में टांग अड़ाना पसंद है।

इटली के आधुनिक चाइना अध्ययन केन्द्र के वरिष्ठ अध्ययनकर्ता व लुयिस युनिवर्सिटी ऑफ रोम के प्रोफेसर सिलविया मेनेगाजी ने जानकारी देते हुए बताया है कि हांगकांग मामले के लिए आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती हिंसा रोकना है। दूसरे देश के आंतरिक मुद्दे में दखल नहीं करना अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक बुनियादी नियम है।