चीन के वुहान मीट बाजार से नहीं लैब से लीक हुआ कोरोना, ट्रंप की पार्टी ने जारी की रिपोर्ट

चीन के वुहान मीट बाजार से नहीं लैब से लीक हुआ कोरोना, ट्रंप की पार्टी ने जारी की रिपोर्ट

कोरोना महामारी के उत्‍पत्ति को लेकर एक बार फ‍िर चीन की चर्चा जोरों पर है। इस बार अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस वायरस की उत्‍पत्ति चीन में हुई थी। बता दें कि इसके पहले अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कोरोना की उत्‍पत्ति को लेकर चीन को कटघरे में खड़ा किया था। इसके बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ष्‍ट्रपति जो बाइडन भी ट्रंप के स्‍टैंड पर कायम रहे। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की टीम कोरोना की उत्‍पत्ति को लेकर चीन के वुहान का दौरा कर चुकी है। जाहिर है कि इस रिपोर्ट से चीन को मिर्ची लगी होगी।

अमेरिकी रिपब्लिकन का दावा कोरोना की उत्‍पत्ति चीन का वुहान लैब

अमेरिकी रिपब्लिकन द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना महामारी को जन्म देने वाले कोरोना वायरस की उत्‍पत्ति चीन का वुहान लैब है। इस मुद्दे को लेकर पिछले साल से ही बहस हो रही है। खास बात यह है कि इस रिपोर्ट में इस बात को खारिज कर दिया गया है कि ये वायरस मीट बाजार में सामने आया। इसमें कहा गया है कि इसके पर्याप्त सबूत हैं कि यह सितंबर से पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से लीक हुआ था, जबकि कई महीने बाद दुनिया ने इस बीमारी पर ध्यान देना शुरू किया।


वुहान मीट बाजार से नहीं हुई उत्‍पत्ति

रिपोर्ट में कहा गया है कि अब हम मानते हैं कि वुहान मीट बाजार को स्रोत के रूप में पूरी तरह से खारिज करने का समय आ गया है। हम यह भी मानते हैं कि सबूत इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि वायरस से लीक हुआ और ऐसा 12 सितंबर, 2019 से कुछ समय पहले हुआ। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के शीर्ष रिपब्लिकन और टेक्सास के 10 वें कांग्रेस जिले के प्रतिनिधि माइक मैककॉल ने पैनल के रिपब्लिकन कर्मचारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट जारी की। साथ ही उन्होंने कोरोना वायरस के उत्‍पत्ति की द्विदलीय जांच का आह्वान किया।

वुहान लैब में सुरक्षा प्रोटोकॉल के ठीक इंतजाम नहीं

रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि वुहान लैब में सुरक्षा प्रोटोकॉल के ठीक इंतजाम नहीं थे। जुलाई, 2019 में वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम के लिए 1.5 मिलियन डॉलर की मांग की गई. इसमें कहा गया है कि वुहान लैब में चीनी वैज्ञानिक इंसानों को संक्रमित करने के लिए कोरोना वायरस को बदलने के लिए काम कर रहे थे। इस तरह के हेरफेर को छिपाया जा सकता था। वुहान लैब को अमेरिका और चीनी सरकार दोनों से भारी फंडिंग मिल रही थी। अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंथनी फौसी ने भी वुहान लैब को हजारों डॉलर की फंडिंग दी जाने की बात को स्वीकार किया है।


बाइडन ने भी एजेंसियों को वायरस की उत्‍पत्ति का पता लगाने का जिम्मा सौंपा

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी खुफिया एजेंसियों को वायरस की उत्‍पत्ति का पता लगाने का जिम्मा सौंपा है। मैककॉल की रिपोर्ट इस प्रयास के बिल्कुल समानांतर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिकों ने भी वायरस की उत्‍पत्ति को लेकर जांच की और इसके लिए उन्होंने वुहान शहर का दौरा किया था। वुहान वही शहर है, जहां दिसंबर 2019 में कोविड का पहला मामला सामने आया था। संगठन के मुताबिक वायरस प्राकृतिक रूप से पैदा हुआ और जानवरों के जरिए इंसानों तक पहुंचा था। हालांकि, अमेरिका इस रिपोर्ट को लेकर संशय में था।


एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

पिछले डेढ़ साल से भी अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी ने हमारे जीवन को प्रभावित कर दिया है। पढ़ाई से लेकर कामकाज, व्यापार से लेकर नौकरी तक सभी को कोरोना ने गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में सभी लोगों के मन में बस एक सवाल है, आखिर कोरोना महामारी कब खत्म होगी? इसको लेकर दुनिया के एक दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने बड़ा दावा किया है। माडर्ना वैक्सीन के निर्माण (एमआरएनए.ओ) और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बंसेल का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी एक साल में खत्म हो सकती है।

उन्होंने स्विस अखबार नीयू ज़ुएर्चर ज़ितुंग को बताया कि वैक्सीन उत्पादन में वृद्धि से टीके के वैश्विक आपूर्ति में तेजी होगी। इसका मतलब हुआ कि वैक्सीन दुनिया के सभी कोनों तक तेजी से पहुंच सकेगी। उन्होंने एक इंटरव्यू में अखबार को बताया कि यदि आप पिछले छह महीनों में वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को देखते हैं, तो अगले साल के मध्य तक पर्याप्त डोज उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे इस धरती पर मौजूद सभी इंसानों को टीका लगाया जा सके। इतना ही नहीं, जिन्हें बूस्टर डोज की जरूरत है उन्हें भी वैक्सीन लग सकेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिशुओं के लिए भी कोरोना का टीकाकरण उपलब्ध होगा।


इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि जो लोग वैक्सीन नहीं ले रहे हैं वे स्वाभाविक रूप से खुद को प्रतिरक्षित करेंगे क्योंकि डेल्टा वैरिएंट इतना संक्रामक है। इस तरह हम फ्लू जैसी स्थिति में समाप्त हो जाएंगे। आप या तो टीका लगवा सकते हैं और वायरस से संक्रमित होकर प्रतिरक्षा पा सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब हुआ कि अगले साल की दूसरी छमाही में हम सामान्य स्थिति में लौट सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आज के जैसे हालात रहे तो एक साल में मुझे लगता है कि कोरोना महामारी खत्म हो सकती है।