कोरोना की चपेट में चीन का एक और शहर, डोंग्गूआन शहर में बड़े पैमाने पर शुरू की गई जांच

कोरोना की चपेट में चीन का एक और शहर, डोंग्गूआन शहर में बड़े पैमाने पर शुरू की गई जांच

चीन में कोरोना संक्रमण फिर बढ़ने लगा है। इस बार संक्रमण का केंद्र गुआंगदोंग प्रांत बना है। यहां कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के चलते संक्रमण में उछाल बताया जा रहा है। इस दक्षिणी प्रांत का एक और शहर कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है। मामले बढ़ने पर डोंग्गूआन शहर में बड़े पैमाने पर जांच शुरू की गई है। गुआंगदोंग पिछले 31 दिनों से कोरोना के प्रकोप से जूझ रहा है।

ग्वांगझोऊ में 90 फीसद केस

इस प्रांत में अब तक जितने मामले पाए गए हैं। उनमें से करीब 90 फीसद अकेले प्रांतीय राजधानी ग्वांगझोऊ में मिले हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए यहां सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। अब डोंग्गूआन में भी सख्त कदम उठाए गए हैं। लोगों के शहर से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। दिसंबर, 2019 में जब चीन में कोरोना का पहला मामला पाया गया था, तब वुहान शहर संक्रमण का केंद्र बना था।

ब्रिटेन में मिले नौ हजार नए केस

ब्रिटेन में बीते 24 घंटे के दौरान नौ हजार 284 नए मामले पाए गए और छह मरीजों की मौत हुई। कोरोना संक्रमित लोगों की कुल संख्या 46 लाख 30 हजार से अधिक हो गई है। मरने वालों का आंकड़ा एक लाख 27 हजार 976 हो गया है। इस यूरोपीय देश में डेल्टा वैरिएंट का कहर भी बढ़ गया है।

रूस में बिगड़ रहे हालात

रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते देश में हालात बिगड़ रहे हैं। यहां बीते 24 घंटे में 17 हजार 378 नए मामले मिलने से कुल संक्रमित 53 लाख 34 हजार हो गए। इस दौरान 440 पीडि़तों के दम तोड़ने से मरने वालों की संख्या एक लाख 29 हजार 801 हो गई है।

एक नजर इन देशों पर

पाकिस्तान : कोरोना से मरने वालों की संख्या 22 हजार से ज्यादा हो गई है। 24 घंटे में 907 नए केस मिलने से कुल मामले नौ लाख 49 हजार हो गए।

अर्जेटीना : देशभर में 10 हजार 395 नए संक्रमित मिलने से कुल मामले 42 लाख 68 हजार हो गए हैं। कुल 89 हजार 43 पीडि़तों की जान गई है।

श्रीलंका में 92 भारतीय संक्रमित

श्रीलंका में एक फैक्ट्री में काम करने वाले 92 भारतीय कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। यह फैक्ट्री कोलंबो के उपनगर वट्टाला में स्थित है। यहां कुल 128 लोग पीडि़त मिले हैं। इनमें 92 भारतीय हैं। इस फैक्ट्री में कुल 194 कर्मचारी हैं। 


संकट में PM इमरान, पाकिस्‍तान में मिला खूंखार आतंकवादी मसूद अजहर का ठिकाना

संकट में PM इमरान, पाकिस्‍तान में मिला खूंखार आतंकवादी मसूद अजहर का ठिकाना

आतंकवाद को लेकर एक बार फ‍िर पाकिस्‍तान बेनकाब हुआ है। एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट से बचने की लगातार कोशिश में जुटे पाक की एक बार फिर से पोल खुल गई है। दुनिया की आंख में धूल झोंक रहे पाकिस्‍तान की कलई खुल गई है। पाकिस्‍तान आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में ही छिपा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मसूद अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर में रहता है, जिसकी सुरक्षा में पाकिस्तान के सुरक्षाबल तैनात रहते हैं। इससे एक बार फिर से यह सिद्ध हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पनाहगाह है। आतंकवादियों के लिए पाकिस्‍तान की धरती स्‍वर्ग बनी हुई है।

तंग पाक के लिए ग्रे लिस्ट से निकलना अब मुश्किल

इस खुलासे के बाद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्‍तान के एफएटीएफ से बाहर निकलने की उम्‍मीदों पर पानी फ‍िर गया है। दुनिया के सामने अब यह सिद्ध हो गया है कि पाकिस्‍तान आतंकवाद पर कार्रवाई करने के बजाए उसका पालन-पोषण करता है। उसने अंतरराष्‍ट्रीय आतंकी अजहर को अपने ही घर में छ‍िपा रखा है। पाकिस्‍तान कई बार एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट से बाहर निकलने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में यह खबर उसके लिए कतई शुभ नहीं हो सकती है। ग्रे लिस्‍ट से बाहर निकलने की पाकिस्‍तान की छटपटाहट यूं ही नहीं है। कंगाल हो चुके पाकिस्‍तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ग्रे लिस्‍ट में शामिल होने के कारण उसे करीब 38 अरब डॉलर यानी 27,52,76,18,00,000 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

पाकिस्‍तान में अजहर के दो ठिकाने

एक रिपार्ट में कहा गया है कि आतंकवादी अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर में सुरक्षित है। उसका एक ठिकाना बहावलपुर में उस्मान-ओ-अली मस्जिद के पास और दूसरा अड्डा जामिया मस्जिद, सुभान अल्लाह में है। अजहर के घर के रखवाली की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान की है। अजहर के घर की सुरक्षा में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। आतंकवादी के आवास के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। भारत का सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान सरकार के नाक के नीचे पूरे इंतजाम के साथ रह रहा है।


अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर यह मामला उठाएगा भारत

इस खुलासे के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने रविवार को कहा कि इस खुलासे के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को और बल मिलेगा। केंद्र सरकार इस मामले को वैश्विक मंच पर जोरशोर से उठाएगी। उधर, भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि इस खुलासे ने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है। आखिरकार इमरान खान का सच सभी के सामने आ गया है। उन्होंने भी इस मुद्दे को दूसरे देशों के सामने संयुक्त राष्ट्र में उठाने की मांग की।

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना

इस आतंकी संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जम्मू और कश्मीर की घाटी में हिंसा फैलाना है। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का एक (जिहादी) आतंकी संगठन है, जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत से कश्मीर को अलग करना है। इसके अलावा यह संगठन पश्चिमी देशों में भी आतंक फैलाने का काम करता है।
इस संगठन की स्थापना पाकिस्तान के पंजाब के मौलाना मसूद अजहर ने साल 2000 के मार्च महीने में की थी। 1999 में कंधार विमान अपहरण में भी इसी संगठन के नेता मौलाना मसूद अज़हर को छुड़ाने के लिए किया गया था। इसके बाद अजहर ने इस आतंकी संगठन की नींव रखी।
इस आतंकी संगठन में हरकत-उल-अंसार और हरकत-उल-मुजाहिदीन के कई आतंकी शामिल हैं। इस संगठन का मुखिया मौलाना मसूद अज़हर खुद भी हरकत-उल-अंसार का महासचिव रह चुका था।
इस संगठन को भारत में हुए कई आतंकी हमलों का जिम्मेदार माना जाता है। साल 2002 जनवरी में पाकिस्तान ने भी इसे आतंकी संगठन बताकर बैन कर दिया था इसके बाद इस संगठन ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम उल-इस्लाम कर लिया था। यह संगठन भारत, अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल है। इस अपहरण कांड में भारत ने अजहर के साथ दो और आतंकी संगठन के मुखिया को छोड़ा था।
जेके के पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 40 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हमला श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में हुआ। इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।