पाक की एक संसदीय समिति को बताया गया कि देश के इतने प्रतिशत इलाके आज भी बिजली से महरूम

पाक की एक संसदीय समिति को बताया गया कि देश के इतने प्रतिशत इलाके आज भी बिजली से महरूम

आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे पड़ोसी देश पाक में आजादी के 70 वर्ष बाद भी कई ऐसे गांव हैं जहां पर आज भी बिजली नहीं पहुंच पाई है. पाक की एक संसदीय समिति को बताया गया कि देश के 27 प्रतिशत इलाके आज भी बिजली से महरूम हैं.

ऊर्जा पर सीनेट की कमेटी को नेशनल इलेक्ट्रिक पॉवर रेगुलेटरी अथॉरिटी (नेपरा) के चेयरमैन तौसीफ एच फारूकी ने जानकारी दी है. संसद में चर्चा के दौरान सीनेटर नोमान वजीर ने बोला कि देश में अभी बिजली की मांग नौ हजार मेगावाट है जबकि 33 हजार मेगावाट क्षमता के बिजली संयंत्र लगाए जा रहे हैं.

उन्होंने जब इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाया, तो नेपरा के चेयरमैन ने इस सवाल को गलत बताते हुए बोला कि अभी देश के 27 प्रतिशत इलाके ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है.

नोमान वजीर ने बोला कि समस्या विद्युत उत्पादन की नहीं बल्कि इसके ट्रांसमिशन व वितरण की है. नेपरा के चयरमैन ने जवाब में बोला कि देश में ट्रांसमिशन की क्षमता को पूर्व की तुलना में सौ गुना बढ़ाया जा चुका है.

नेपरा चेयरमैन ने यह भी बताया कि महंगे ईंधन से पैदा होने वाली एक यूनिट बिजली पर लागत 24 पाकिस्तानी रुपये आ रही है जबकि वैकल्पिक ऊर्जा के मुद्दे में यह छह रुपया प्रति यूनिट पड़ रही है.