हिंदू छात्रा की मृत्यु को लेकर एक बड़ी समाचार, छात्रा ने की थी खुदकुशी

हिंदू छात्रा की मृत्यु को लेकर एक बड़ी समाचार, छात्रा ने की थी खुदकुशी

पाक के सिंध प्रांत में बीते महीने हुई हिंदू छात्रा की मृत्यु को लेकर एक बड़ी समाचार आ रही है. सिंध के लरकाना की डेंटल छात्रा नम्रता चंदानी की संदिग्ध दशा में मृत्यु के मुद्दे की जाँच कर रहे न्यायिक आयोग ने छात्रा की मर्डर से मना किया है. 

आयोग का दावा है कि छात्रा ने खुदकुशी की थी. एक पाकिस्तानी अखबार सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. सूत्रों ने बताया कि न्यायिक आयोग ने नम्रता के मुद्दे की जाँच पूरी कर ली है व अपनी 17 पन्ने की रिपोर्ट सिंध के गृह विभाग को सौंप दी है.

न्यायिक आयोग को नहीं मिला कोई सबूत

आयोग के अध्यक्ष लरकाना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मुद्दे में नम्रता के शिक्षण संस्थान आसिफा मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अन्य स्टॉफ से कई चरणों में पूछताछ की. आयोग ने इस मुद्दे में पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए रिपोर्ट, नम्रता व मुद्दे के संदिग्धों के सेलफोन-लैपटॉप के फोरेंसिक डेटा समेत अन्य सबूतों की जाँच की. सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने ऐसा कुछ नहीं पाया जो नम्रता की मर्डर होने की तरफ इशारा करे.

दोस्त ने विवाह से किया इनकार, इसलिए खुदकुशी?

मीडिया रिपोर्ट में बोला गया है कि जाँच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बोला है, 'दोस्त द्वारा विवाह का प्रस्ताव ठुकराने के बाद नम्रता बेहद दबाव में थी. इस मानसिक तनाव व हताशा के कारण उसने खुदकुशी कर ली.' लरकाना के शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल विश्वविद्यालय के आसिफा मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज की बीडीएस की अंतिम साल की छात्रा नम्रता बीती 16 सितंबर को अपने कमरे में मृत मिली थी. विश्वविद्यालय प्रशासन व पुलिस ने प्रारम्भ में बोला कि मृत्यु की वजह खुदकुशी लग रही है लेकिन नम्रता के घरवालों ने मर्डर की संभावना जताई.

भाई ने जताया था मर्डर का अंदेशा

नम्रता के एक भाई विशाल चिकित्सक हैं. उन्होंने बोला था कि एक चिकित्सक होने की हैसियत से भी वह कह सकते हैं कि उनकी बहन के गले व शरीर पर जैसे निशान हैं, उससे साफ लग रहा है कि उसकी मर्डर की गई है. नम्रता के सहपाठियों के अतिरिक्त हिंदू समुदाय के सदस्यों व सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने नम्रता की मृत्यु को संदिग्ध बताते हुए प्रदर्शन किए थे. उन्होंने मुद्दे की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की थी जिसके बाद न्यायिक आयोग का गठन हुआ था.

पुलिस ने इस मुद्दे में नम्रता के दो सहपाठियों को गिरफ्तार किया था. इनमें से एक ने बोला था कि नम्रता की उसकी घनिष्ठ मित्र थी. वह उससे विवाह करना चाहती थी लेकिन वह सामाजिक कारणों से विवाह के लिए तैयार नहीं था. इस बात से नम्रता बहुत ज्यादा परेशान थी.

पुलिस ने जाँच में की थीं कई लापरवाहियां

आपको बता दें कि मुद्दे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नम्रता की मर्डर व इससे पहले उसके साथ बलात्कार की बात कही गई थी. लरकाना के चंदका मेडिकल कॉलेज हास्पिटल की मेडिको-लीगल अधिकारी डाक्टर अमृता ने यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी थी. उन्होंने बोला था कि नम्रता की मृत्यु दम घुटने से हुई. हालांकि, बाद में इसे लेकर टकराव की स्थिति बनी व जाँच आयोग ने बोला कि डाक्टर अमृता ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह रिपोर्ट दी है. इस मुद्दे में पुलिस की गंभीर लापरवाहियों का खुलासा भी हुआ. फॉरेंसिक जाँच करने वालों ने बोला था कि उनके पास फॉरेंसिक सबूत समय से भेजे ही नहीं गए. उंगलियों के निशान इतनी देर बाद भेजे गए कि उनके होने का कोई अर्थ ही नहीं रहा.