फ्रेंड सर्किल अच्छा होने से क्या-क्या होते हैं फायदे, आइए जानिए

फ्रेंड सर्किल अच्छा होने से क्या-क्या होते हैं फायदे, आइए जानिए

दोस्तों से जिंदगी खुशहाल रहने के साथ हमें रोगों से भी बचाती है. इसलिए लंबी जिंदगी पाने के लिए दोस्त बनाइए. वो भी एक या दो नहीं बल्कि दोस्तों का एक बड़ा ग्रुप होना चाहिए. मेडिकल साइंस में

अभी तक हुई स्टडीज के मुताबिक, जिनका सोशल सर्किल बड़ा व अच्छा होता है. उनकी आयु अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा होती है.

एक्सरसाइज की तुलना में आयु दो गुना लंबी हो जाती है. इसी तरह अच्छे दोस्त मिलने पर स्मोकिंग छोड़ने के साथ-साथ ज्यादा सोशल बनने पर हेल्दी बने रहने के कई गुना चांस बढ़ जाते है. सर्किल में छह से सात दोस्तों को शामिल करें. डाक्टर अनिल तांबी, साइकोलॉजिस्ट, एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर से जानते हैं इसके बारे में

हैल्थ पैरामीटर रहते है सही

फ्रेंड सर्किल अच्छा या बड़ा होने से डिमेंशिया (उम्र के साथ याद्दाश्त की कमी) की संभावना कम होती है. आदमी स्वास्थ्य वर्धक रहता है. हॉर्मोन संतुलित रहने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर भी सामान्य रहता है. इससे दिल व दिमाग दोनों हैल्दी रहते हैं. जिनके पास ज्यादा दोस्त या सोशल सर्किल बड़ा नहीं होता, वे हैल्थ के पैरामीटर जैसे ब्लड प्रेशर, बॉडी मास इंडेक्स, वेस्ट साइज व इंफ्लेमेंशन से बाहर हो जाते हैं. अक्सर यह देखा गया है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों की दोस्ती अक्सर मोटे लोगों से होती है, अगर ये पतले लोगों से दोस्ती करते हैं, तो वे उन्हें पतले होने के लिए मोटिवेट करेंगे. उनकी फिटनेस का विशेष ख्याल रखते हैं, उनके साथ जिम जाते है, उनकी फिटनेस मेन्टेन रखने में मदद करते हैं.

एंग्जाइटी व डिप्रेशन होगा कम

दोस्तों के साथ रहने से जिंदगी में इकोनॉमिक व सोशल सिक्योरिटी रहती है. सेंस ऑफ सिक्योरिटी रहता है. दोस्तों से बार-बार मिलने पर मन की बातें शेयर करते हैं. दोस्तों के साथ बहस करने से राहत महसूस होती है. इससे मेंटल ग्रोथ होती व भावनात्मक जुड़ाव आता है. बार-बार मिलने से एंग्जाइटी व डिप्रेशन कम होता है. इससे आयु लंबी होती है. स्ट्रेस से संबंधित डायबिटीज, थायरॉइड व दिल की बीमारी होने की आसार कम होती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

ग्रुप में बनाएं दोस्त

टीनएजर ग्रुप में दोस्ती करें. बहुत सारे दोस्त बनाएं ताकि मन की बात किसी से भी शेयर कर सकें. जिनसे विचार मिलते हैं, उनसे आवश्यकता पड़ने पर मदद लें. हिचकिचाएं नहीं. मदद मांगने व मदद करने से संबंध मजबूत होते हैं दुख-सुख में साथ रहें, हेल्प करें.