कमरदर्द से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाए

कमरदर्द से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाए

कमरदर्द (Yoga for Backpain) एक आम समस्या है, लेकिन अक्सर हम इसे नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, नतीजतन तकलीफ़ दिन-ब-दिन बढ़ती ही जाती है। लेकिन नियमित योग से आप कमरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

ताड़ासन
* सीधे खड़े हो जाएं। पैरों में ज़्यादा फासला न रखें।
* सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने हाथों को साइड से ऊपर उठाएं।
* धीरे-धीरे हथेली को, कलाई को, हाथों को, कंधे, सीने और पैरों को भी ऊपर की तरफ़ खींचें व अंत में पैरों के पंजों पर आ जाएं।
* सारा शरीर ऊपर की तरफ़ खिंचा हुआ लगे। कुछ क्षण इस स्थिति में रहें।
* धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
* यदि आंखें बंद करके करें, तो अधिक फायदा होगा।

अन्य लाभः नियमित ये आसन करने से बच्चों की हाइट बढ़ती है। घुटनों व एंकल की हेल्थ के लिए भी फ़ायदेमंद।

बद्ध कोणासन
* दंडासन में बैठ जाएं। पीठ सीधी रखें व दोनों हाथ कूल्हे के पास ज़मीन पर।
* घुटने मोड़ें। दोनों पैरों के तलवों को नमस्ते की मुद्रा में लाएं।
* दोनों हाथों से पैरों के अंगूठों या पंजों को पकड़ें। इसी अवस्था में 1-2 मिनट तक रहें। घुटनों पर ज़्यादा दबाव न डालें।
* अगर सीधे बैठने में तकलीफ़ हो रही है, तो सपोर्ट के लिए कूल्हों के नीचे तकिया या चादर रख सकते हैं।
* आगे की ओर झुकें व फिर सीधे बैठ जाएं। पैरों को सीधा फैलाते हुए पूर्वावस्था में आ जाएं।

अन्य लाभः हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, हार्मोनल प्रॉब्लम व इंफर्टिलिटी में लाभदायक। प्रेग्नेंसी के आख़िरी महीनों तक ये आसन करने से डिलीवरी सरलता से हो जाती है।

जाथरा परिवर्तासन
* पीठ के बल लेट जाएं।
* दोनों हाथ कंधे के समानांतर रखें।
* सांस लेते हुए दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे दाईं तरफ ले जाकर ज़मीन को टच करें।
* दोनों पैर आपस में मिले होेंं। सिर बाईं दिशा में हो।
* दाहिने हाथ से दोनों पैरों को पकड़ने की प्रयास करें। सांस सामान्य रहे। एक मिनट इस स्थिति में रहें। अब यही क्रिया दूसरी ओर से भी दोहराएं।
* अगर पैर उठाने में तकलीफ़ या असुविधा हो रही हो, तो घुटनों को मोड़कर यही क्रिया कर सकते हैं।

अन्य लाभः पैरों, जोड़ों, पीठदर्द और डायबिटीज़ में लाभदायक।

सेतु बंधासन
* पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथ साइड में हों। पैरों को मोड़कर एड़ियों को कूल्हे के पास रखें और
* धीरे-धीरे सांस लेते हुए कमर और कूल्हे को ऊपर उठाएं। जांघें व पंजे ज़मीन के समानांतर होने चाहिए।
* कुछ क्षण रुकिए। सांस सामान्य रहे। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस पहलेवाली स्थिति में आ जाएं।
* 3-7 बार या क्षमतानुसार करें।
* चाहें तो कमर व पीठ को उठाते समय कमर को हाथों से सपोर्ट दें।
* पेट की सभी बीमारियों, एंज़ाइटी, थकान, सिरदर्द, अनिद्रा में लाभदायक। गले को स्ट्रॉन्ग बनाता है।
* अत्यधिक कमरदर्द, गर्दन दर्द या घुटनों में दर्द हो तो ये आसन न करें।
* गर्भवती महिलाएं छह महीने तक यह आसन कर सकती हैं।

उत्तान वक्रासन
* पीठ के बल लेट जाएं। दोनों घुटनों को मोड़ें। पंजे ज़मीन पर टिके हों। दोनों हथेलियों को चित्रानुसार सिर के नीचे रखें।
* सांस छोड़ें व घुटनों को बाईं तरफ़ और सिर को दाईं तरफ़ ले आएं।
* कंधे से ज़मीन पर दबाव डालें।
* 1 मिनट तक इसी अवस्था में रहें। पूर्वावस्था में आ जाएं।
* दूसरी तरफ़ से भी यही क्रिया दोहराएं।
* पेट में अत्यधिक दर्द हो, स्पाइन की प्रॉब्लम हो या लिवर में सूजन हो, तो ये आसन न करें। गर्भवती महिलाएं भी ये आसन न करें।
अन्य लाभः पेट, पीठ, पैर को सुडौल बनाता है।

ये आसन भी हैं फ़ायदेमंद
कमरदर्द के लिए शशांकासन, मारिच्य आसन व शलभासन भी फ़ायदेमंद हैं।


बेहद शांत मिज़ाज राहुल द्रविड़ अपनी फिटनेस को लेकर काफ़ी सतर्क रहते हैं। रोशनी एक्सरसाइज़, योग व मेडिटेशन उनकी फिटनेस रूटीन में शामिल हैं। कॉन्संट्रेशन व फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने के लिए राहुल द्रविड़ नियमित रूप से योग करते हैं।

अगर हों स्ट्रेस में
* ज़िंदगी के प्रति सकारात्मक सोच रखें। आपकी पॉज़िटिव सोच आपको सभी समस्याओं को देखने का सकारात्मक नज़रिया देती है।
* लाफ्टर थेरेपी अपनाएं। खुलकर हंसें व मुस्कुराएं। ये आपके तनाव, थकान और डिप्रेशन को तुरंत दूर कर देता है।
* सुबह-सुबह प्राणायाम आपके लिए बहुत हेल्दी साबित होगा। 15-20 मिनट जॉगिंग से शरीर व मन एकदम फ्रेश रहता है।
* रोज़ाना योग और प्राणायाम से शरीर में रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे तनाव और थकान दूर होती है।

स्ट्रेस फ्री रहने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया करें ये आसन
सर्वांगासन, हलासन, शवासन, नाड़ीशोधन क्रिया व चंद्रभेदन प्राणायाम स्ट्रेस और थकान को दूर करने के लिए बेस्ट हैं।