इन से स्वास्थ्य पर होने वाले बुरे प्रभाव के बारे में हों सजग, जाने

इन से स्वास्थ्य पर होने वाले बुरे प्रभाव के बारे में हों सजग, जाने

लोगों के बीच व्यायाम करने के चलन को बढ़ावा मिलने के साथसाथ स्टेरौइड व प्रोटीन सप्लिमैंट जैसे अननैचुरल प्रोडक्ट्स भी चलन में आए हैं, जिन का इस्तेमाल लोग तेजी से मांसपेशियां बनाने की चाह में करते हैं। 

मगर ज्यादातर लोगों को यह मालूम नहीं कि लंबे समय तक ली गई स्टेरौइड की मात्रा दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। यहां तक कि इस से दिल का दौरा या आकस्मित कार्डिएक गिरफ्तार भी होने कि सम्भावना है। विशेषरूप से बौडी बिल्डर्स जो लंबे समय तक स्टेरौइड व प्रोटीन सप्लिमैंट का सेवन भारी मात्रा में करते हैं, उन के लिए महत्वपूर्ण है कि वे इन से स्वास्थ्य पर होने वाले बुरे प्रभाव के बारे में सजग हों।

बौडी बनाने में असल में प्रोटीन बहुत लाभकारी होते हैं व पोषण सुरक्षित स्रोत भी हैं, क्योंकि ये प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान नहीं पहुंचाते। यदि इन का सेवन ठीक मात्रा में किया जाए तो ये किसी भी शारीरिक बीमारी का कारण नहीं बनते हैं। मगर स्टेरौइड के लिए ऐसा नहीं बोला जा सकता है। स्टेरौइड मुख्यरूप से टैस्टोस्टेरौन का बनावटी संस्करण है। यह कृत्रिम रूप से मांसपेशियों के विकास में मदद करता है। दिल भी मांसपेशियों की तरह होता है, मगर स्टेरौइड के सेवन से इस का आकार बढ़ भी सकता है। परेशानी तब होती है जब दिल के आसपास उपस्थित सतहों यानी वौल्स तक उस की मोटाई पहुंचने लगती है, तब यह ठीक ढंग से कार्य नहीं कर पाता है व रक्तसंचार में समस्या होने लगती है।

स्टेरौइड का सेवन करने वालों का दिल इस का सेवन न करने वालों की तुलना में बहुत निर्बल होता है। एक निर्बल दिल शरीर के लिए महत्वपूर्ण पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता है व इस स्थिति में दिल कार्य करना बंद कर सकता है। आकस्मित दिल की धड़कन रुकने से मृत्यु भी हो सकती है। प्रोटीन पाउडर मुख्यरूप से सोया, दूध या पशु प्रोटीन से बना होता है व इस का इस्तेमाल अधिक समय तक वर्कआउट के बाद शरीर की प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जाता है। स्टेरौइड का सेवन न करने वालों की तुलना में इस का सेवन करने वालों की धमनियों में प्लेक यानी गंदगी या मैल बढ़ जाता है। जो पुरुष लंबे समय तक स्टेरौइड लेना जारी रखते हैं, उन की धमनियों की स्थिति बहुत बदतर हो जाती है। दिल को नुकसान पहुंचाने के अतिरिक्त स्टेरौइड गुरदों की विफलता, लिवर की क्षति, टैस्टिकल्स के संकुचन यानी सिकुड़ना व शुक्राणुओं की संख्या घटाने का कार्य भी कर सकता है। शौर्टकट के जरीए बौडी बनाना भी दिल को नुकसान पहुंचा सकता है।