एक्सरसाइज़ जितनी ज्यादा तीव्रता भरी होगी उसका फायदा उतना होगा ज्यादा

एक्सरसाइज़ जितनी ज्यादा तीव्रता भरी होगी उसका फायदा उतना होगा ज्यादा

 मानव इतिहास (Human History) में ऐसा पहली बार हुआ है कि बुजुर्गों की संख्या युवाओं से अधिक हो गई है। संसार की बढ़ती आयु के साथ उसकी चुनौतियां भी (Old Age Challenges) बढ़ रहीं हैं। खासकर स्वास्थ्य (Health issues in Old Age) से जु़ड़ी हुई। बुजुर्गों में एक सबसे गंभीर समस्या है डिमेंशिया (Dimentia Disease) की। इसे स्मृतिलोप या मतिभ्रम भी बोला जाता है। लेकिन आप इस बीमारी की चपेट में आने से खुद को रोक सकते हैं।

मैक्मास्टर यूनिवर्सिटी में फिजिकल एक्टिविटी सेंटर ऑफ एक्सलेंस की एसोसिएट डायरेक्टर जेनिफर हीज़ के मुताबिक आप हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज़ करके डिमेंशिया को रोक सकते हैं। न्यूरोफिट प्रयोगशाला में एक शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस पर अपना शोधपत्र दिया है। इसमें यह बताया गया है कि किस तरह शारीरिक गतिविधि से आपके दिमाग में परिवर्तन होता है।

डेलीमेल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध में यह पाया गया कि आप जितनी तेज एक्सरसाइज़ करते हैं उतनी ही तेजी से आपकी याददाश्त बनाए रखने में मदद मिलती है। इस्तेमाल शिथिल जीवनशैली जी रहे बुजुर्गों 12 हफ्तो के लिए आजमाया गया। इनमें से कुछ बुजुर्गों को सामान्य एक्सरसाइज़ करवाई गई जबकि कुछ को हाई इंटेंसिटी वाली कसरत।

जिन बुजुर्गों ने हाइ इंटेंसिटी एक्सरसाइज़ की थी उनमें चीजो को याद रखने के क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि सामान्य एक्सरसाइज़ करने वाले बुजुर्गों की याद रखने के क्षमता में कोई परिवर्तन नहीं पाया गया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्सरसाइज़ दिमाग के लिए उर्वरा की तरह कार्य करती है। बढ़ती आयु के साथ आप जितने जाता सक्रिय रहते हैं आपका दिमाग भी उतना ही स्वस्थ रहता है। इसके लिए महत्वपूर्ण नही है कि आप केवल दिमागी एक्सरसाइज़ ही करें।

वैज्ञानिकों ने बताया कि एक्सरसाइज़ जितनी ज्यादा तीव्रता भरी होगी उसका फायदा उतना ज्यादा होगा। उन्होंने साफ किया कि इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप किस आयु में एक्सरसाइज़ करना प्रारम्भ करते हैं। आप जिस आयु में हैं उसी से एक्सरसाइज़ करना प्रारम्भ करें। एक्सरसाइज़ करने के लिए कोई भी आयु ज्यादा नहीं होती।